इलाज और दवा न मिलने से आक्रोशित पेंशनर्स ने दिया ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
By Shubh Bhaskar ·
25 May 2026 ·
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इलाज और दवा न मिलने से आक्रोशित पेंशनर्स ने दिया ज्ञापन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
पीपाड़ सिटी। राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत पिछले एक साल से चल रही अव्यवस्थाओं और पिछले एक महीने से पूरी तरह ठप पड़ी चिकित्सा सुविधाओं को लेकर प्रदेश भर के बुजुर्ग पेंशनर्स का गुस्सा फूट पड़ा है। 'राजस्थान पेंशनर समाज' के बैनर तले सोमवार को पीपाड शहर उपखण्ड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था तुरंत सुचारू करने की मांग की गई है। पेंशनर्स ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी सुध नहीं ली तो जीवन के इस अंतिम पड़ाव में भी वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।पेंशनर समाज अध्यक्ष श्रीकिशन सिसोदिया ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में पेंशनर्स को न तो अनुमोदित हॉस्पिटलों में इलाज मिल पा रहा है और न ही फार्मा स्टोर्स से निशुल्क दवाइयां मिल रही हैं। वृद्धावस्था के कारण अधिकांश पेंशनर्स नियमित दवाओं और इलाज के भरोसे ही जीवन जी रहे हैं। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में यदि किसी भी बुजुर्ग के साथ कोई अनहोनी या अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।पेंशनर समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि वे पिछले तीन महीनों में कई बार चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों से मिलकर गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले 6 मई 2026 को मुख्य सचिव को नोटिस देकर 11 मई 2026 तक व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बाद 13 मई 2026 को सभी जिला मुख्यालयों पर आक्रोश प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसी के विरोध में अब उपखण्ड और तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे है।इस मौके पर किसनाराम माली, गिरधारी लाल टाक, रमेश दत, निजामुद्दीन, मुनिरदीन पठान, शयाम लाल, अशफाक अहमद, बंशीलाल टांक, नरेंद्र गहलोत, राजेन्द्र भार्गव, कन्हैया लाल प्रजापति, घनश्याम लाल, किसनसिह, बाबूलाल गर्ग, उमेद अली सहित अनेक पेंशनर मौजूद रहे।