बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जीवन एक महान संघर्ष की साहसिक गाथा है। डॉ नरेन्द्र मेहरा
By Shubh Bhaskar ·
14 Apr 2026 ·
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बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जीवन एक महान संघर्ष की साहसिक गाथा है। डॉ नरेन्द्र मेहरा
टोंक । महर्षि कश्यप स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूनी में भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर दूनी ग्राम सेवा सहकारी समिति लि के चेयरमैन मोतीलाल मेहरा की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी रखी गई जिसमें डॉ अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की गई
इस अवसर पर महाविद्यालय डायरेक्टर डॉ नरेन्द्र मेहरा एडवोकेट ने कहा कि डॉ अंबेडकर विषम परिस्थितियों के बावजूद भी उन्होंने तमाम ऊँचाइयों को छुआ तथा अपने अदम्य साहस, कठोर परिश्रम और शिक्षा के बल पर न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि करोड़ों वंचितों और शोषितों के लिए आशा की नई किरण बन गए।
उन्होंने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता के मूल्यों को जीवन का ध्येय बनाया और इन्हीं आदर्शों को भारत के संविधान में समाहित कर राष्ट्र को एक सशक्त दिशा प्रदान की।
बाबासाहेब हमारे राष्ट्र के वह विशिष्ट रत्न हैं, जिनके जीवन व कार्यों ने स्वतंत्रता पूर्व एवं पश्चात की पीढ़ियों को प्रभावित किया तथा प्रेरणा के अविरल पुंज बन गए।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ पी आर मीणा ने कहा कि डॉ अम्बेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे डॉ अंबेडकर ने संविधान के रुप में एक ऐसा दूरदर्शी दस्तावेज देश को दिया, जो आज भी लोकतंत्र की मजबूत नींव है और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करता है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा, जागरूकता और संगठित प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
प्रबंध निदेशक राजेन्द्र मेहरा एडवोकेट ने कहा है कि आज जब हम विकसित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर हैं, बाबासाहेब के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनका संघर्ष और दर्शन हमें अन्याय, असमानता और भेदभाव के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।
प्रो विजय लक्ष्मी शर्मा ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर का प्रेरणादायी जीवन और उनके आदर्श सदैव हमें एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त भारत के निर्माण के लिए मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के उप निरीक्षक आदित्य कश्यप, उपाचार्य अजय कुमार सिंह, प्रो विकास देवतवाल, प्रो परमानन्द मेहरा, प्रो गणेश मेहरा, प्रो मनोज मीणा, उम्मेद सिंह, नीम चंद, श्रीमती लक्ष्मी मेहरा, अदिति कश्यप, मानवाधिकार एसोसिएशन के टोंक जिला उप सचिव जितेन्द्र धीवर, नीरज मेहरा, महेन्द्र कुमार, रामदयाल सहित छात्र एवं छात्राएं मोजूद थे