ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

मजदूरों के शोषण के खिलाफ एटक का बयान, न्यूनतम वेतन 20 हजार करने की मांग।

By Shubh Bhaskar · 14 Apr 2026 · 7 views
मजदूरों के शोषण के खिलाफ एटक का बयान, न्यूनतम वेतन 20 हजार करने की मांग।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) अलवर के अध्यक्ष का. राजकुमार बक्शी ने मजदूरों के लगातार हो रहे शोषण को लेकर सरकारों एवं औद्योगिक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में मजदूरों का शारीरिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है, जिसकी एटक कड़ी निंदा करती है।
बक्शी ने बताया कि नोएडा, मानेसर और पानीपत सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलनों की खबरें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में भिवाड़ी के पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में मजदूर वेतन वृद्धि की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे, जहां प्रबंधन द्वारा पुलिस बुलाने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान मजदूरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा कुछ मजदूरों को हिरासत में लिया गया। आंदोलन में महिला मजदूरों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा मजदूर आंदोलनों को दबाने के लिए लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और गंभीर धाराएं लगाई जाती हैं, जिससे मजदूरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार होता है। यह न केवल निंदनीय है, बल्कि मजदूरों की आवाज दबाने का प्रयास भी है।
एटक अध्यक्ष ने कहा कि मजदूरों की मुख्य मांगें वेतन वृद्धि, कार्यस्थल पर सुरक्षा, बेहतर कार्य वातावरण और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं हैं, जिन्हें प्रबंधन को स्वयं उपलब्ध कराना चाहिए। इससे उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर ०4 श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जो पूंजीपतियों के पक्ष में अधिक हैं। साथ ही कारखाना अधिनियम 1948 में भी संशोधन कर मजदूरों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं।
बक्शी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि देश की आजादी में मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उन्होंने अपने अधिकारों के लिए कई कानून बनवाए। यदि मजदूरों पर दबाव बढ़ाया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर अपने हकों की लड़ाई तेज करेंगे।
उन्होंने खुशखेड़ा में हुई फैक्ट्री विस्फोट की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ०9 मजदूरों की मौत हो गई, लेकिन अब तक घटना की गंभीरता से जांच नहीं हुई। मृतकों के परिजनों को केवल ०3-०3 लाख रुपये का मुआवजा देकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
अंत में एटक ने सरकार से मांग की कि मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी कम से कम 20 हजार रुपये प्रतिमाह तय की जाए, ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए तथा मजदूरी को महंगाई सूचकांक से जोड़ा जाए।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube