ऋषभदेव कर्मयोग के सूत्रधार विषय पर आयोजित हुई व्याख्यानमाला।
By Shubh Bhaskar ·
28 Mar 2026 ·
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ऋषभदेव कर्मयोग के सूत्रधार विषय पर आयोजित हुई व्याख्यानमाला।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-राजगढ़- राजगढ़ कस्बे के राजकीय महाविद्यालय में तीर्थंकर दिवस के अवसर पर ‘ऋषभदेव कर्मयोग के सूत्रधार’ विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेन्द्र कुमार जैन (अध्यक्ष, श्री दिगम्बर एवं सकल जैन समाज राजगढ़) तथा विशिष्ट अतिथि रेणु जैन (अध्यक्ष, वैश्य महिला समिति,राजगढ़) रहे। वक्ताओं ने भगवान ऋषभदेव के जीवन, उनके आदर्शों एवं कर्मयोग की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को कर्मप्रधान जीवन,श्रम की महत्ता तथा सांसारिक मूल्यों की स्थापना का मार्ग दिखाया।
कार्यक्रम संयोजक सुश्री रचना जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि कर्म संस्कृति का अर्थ केवल कार्य करना नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा,नैतिकता और अनुशासन के साथ जीवन जीना है। उन्होंने बताया कि भगवान ऋषभदेव का यह संदेश आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. के.एल. मीना ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जैन धर्म के अनुसार कर्मयोग मार्ग को व्यवहारिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
व्याख्यानमाला के पश्चात विचार संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें जैन धर्म के आदर्शों एवं अध्यात्म योग पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में प्रो. पी.एम. मीना ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।