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बांदीकुई: मादा बंदर की मौत के बाद नवजात शिशु का रेस्क्यू, हिंदू रीति से किया अंतिम संस्कार।

By Shubh Bhaskar · 20 Apr 2026 · 12 views
बांदीकुई: मादा बंदर की मौत के बाद नवजात शिशु का रेस्क्यू, हिंदू रीति से किया अंतिम संस्कार।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर) — बांदीकुई क्षेत्र में मानवता और जीव-प्रेम की एक भावुक मिसाल सामने आई है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को पंचमुखी मंदिर रोड स्थित नंदेरा की डूंगरी के पास सूचना मिली कि एक मादा बंदर ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही उसकी मृत्यु हो गई।
जानकारी मिलते ही जीव-जंतु प्रेमी, गौ सेवक एवं सर्प मित्र मुकेश सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए नवजात बंदर के बच्चे का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसका प्राथमिक उपचार करवाया।
बताया गया कि नवजात बंदर अपनी मृत मां से करीब दो दिनों तक चिपका रहा और उसे पुकारता रहा, लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं हुआ कि मादा बंदर की मौत हो चुकी है। जब आसपास अन्य बंदर नहीं दिखे तो स्थानीय लोगों ने जाकर स्थिति देखी, तब मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद तुरंत जीव प्रेमी मुकेश सैनी को सूचना दी गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की उपस्थिति में मृत मादा बंदर का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया, जो जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक बना।
वहीं, नवजात बंदर के बच्चे की देखभाल के लिए उसे बांदीकुई निवासी ऑटो चालक टिंकू वाल्मीकि को सुपुर्द किया गया है, जो उसकी सेवा और संरक्षण करेंगे।
यह पूरी घटना क्षेत्र में जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती है।

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