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₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी पर स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर, राजस्थान पुलिस की नई व्यवस्था लागू।

By Shubh Bhaskar · 23 Jul 2026 · 17 views
₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी पर स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर, राजस्थान पुलिस की नई व्यवस्था लागू।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस ने बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) स्वतः दर्ज होगी। महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए नई व्यवस्था को 23 जुलाई (गुरुवार) से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है।
डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस आयुक्तों को संशोधित व्यवस्था के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों तथा बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि पीड़ितों को तुरंत कानूनी संरक्षण मिल सके और ठगी की राशि शीघ्र फ्रीज कर अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सके।
अब ₹5 लाख नहीं, ₹1 लाख से होगी ई-एफआईआर
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने बताया कि पहले प्रदेश में ₹5 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय ठगी के मामलों में ई-एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था थी। अब इस सीमा को घटाकर ₹1 लाख कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता मिल सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (I4C), साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा सीसीटीएनएस प्रणाली को एकीकृत किया गया है। अब ₹1 लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज होते ही संबंधित राज्य स्तरीय साइबर पुलिस स्टेशन में स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी।
शिकायत मिलते ही शुरू होगी कार्यवाही
एडीजी वी.के. सिंह के अनुसार ई-जीरो एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर की प्रतीक्षा किए बिना बैंक खातों को फ्रीज कराने, संदिग्ध राशि होल्ड कराने, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने जैसी आवश्यक कानूनी कार्यवाही तुरंत शुरू करेगी, ताकि साइबर अपराधियों पर शीघ्र शिकंजा कसा जा सके।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होते ही बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते राशि बचाने और आरोपियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ सके।
72 घंटे में थाने पहुंचकर करने होंगे हस्ताक्षर
नई व्यवस्था के तहत शिकायतकर्ता को ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के 72 घंटे के भीतर संबंधित पुलिस थाने पहुंचकर एफआईआर की मुद्रित प्रति पर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि वह निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि इस दौरान प्रारंभिक जांच और आवश्यक कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
₹1 करोड़ से अधिक के मामलों की जांच जयपुर में
नई व्यवस्था के अनुसार ₹1 करोड़ या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों का पंजीकरण एवं अनुसंधान राज्य स्तरीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर करेगा। वहीं ₹1 लाख से ₹1 करोड़ तक के मामलों की जांच संबंधित जिला साइबर पुलिस थाना अथवा स्थानीय पुलिस थाना, जिला पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपायुक्त के निर्देशानुसार करेगा।
पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य में आर4सी (R4C) की स्थापना के साथ राजस्थान पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित राहत तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ कानूनी व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि ई-जीरो एफआईआर की नई व्यवस्था साइबर अपराधों के विरुद्ध त्वरित, तकनीक आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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