अगस्त से आंगनवाड़ी कर्मचारियों का जेल भरो अभियान और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी: *जे.पी. पांडेय*
By Shubh Bhaskar ·
13 Jul 2026 ·
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अगस्त से आंगनवाड़ी कर्मचारियों का जेल भरो अभियान और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी: *जे.पी. पांडेय*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- रांची- रांची झारखंड भाजपा किसान मोर्चा के झारखंड प्रदेश के नेता एवं झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने देशभर की आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं से आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकारें समय रहते आंगनवाड़ी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं देती हैं, तो अगस्त माह से विभिन्न राज्यों में जेल भरो अभियान, कार्य बहिष्कार, आंगनवाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी और सामूहिक इस्तीफे का आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पांडेय ने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं पिछले लगभग 50 वर्षों से शोषण का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पीएफ,ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही,मानदेय,मकान किराया,मोबाइल रिचार्ज, सीबीई और पोषाहार मद की राशि का भुगतान भी कई महीनों की देरी से किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों पर बीएलओ, जनगणना,टीकाकरण,गृह भ्रमण,स्कूली बच्चों की शिक्षा, टीएचआर और एफआरएस सहित कई अतिरिक्त कार्यों का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है, जबकि उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा नहीं दिया गया है।
जय प्रकाश पांडेय के अनुसार, आंदोलन के प्रथम चरण में राजस्थान,उत्तराखंड,मध्य प्रदेश,पंजाब,हरियाणा,बिहार, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश की सेविकाएं एवं सहायिकाएं अगस्त माह से जेल भरो अभियान की शुरुआत करेंगी। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में चक्का जाम और अनिश्चितकालीन आंदोलन की भी तैयारी चल रही है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में ०9 जुलाई से आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताले लगाकर जिला मुख्यालयों पर आंदोलन शुरू हो चुका है। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि सरकारों ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो देशभर में कुपोषण उन्मूलन से जुड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसका असर बच्चों और महिलाओं पर पड़ेगा।
झारखंड सरकार से भी उन्होंने आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर राज्य में भी व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।