आंगनबाड़ी, सहयोगिनी एवं संविदा कर्मियों के आंदोलन
By Shubh Bhaskar ·
09 Jul 2026 ·
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आंगनबाड़ी, सहयोगिनी एवं संविदा कर्मियों के आंदोलन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-राजगढ़- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) राजगढ़, अलवर के सचिव एवं अधिवक्ता कामरेड मनोज बोहरा ने प्रदेशभर में आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहयोगिनियों एवं संविदा कर्मचारियों के समर्थन में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की लंबे समय से नियमितीकरण की मांग लंबित है, लेकिन चुनाव के समय सरकारी कर्मचारी बनाने के वादे किए जाते हैं और बाद में उन्हें भुला दिया जाता है।
कामरेड बोहरा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देश की भावी पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि सहयोगिनियां अपने परिवार से दूर रहकर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सफल बनाने में योगदान देती हैं। वहीं चिकित्सा विभाग में बड़ी संख्या में कार्यरत संविदा नर्सिंग कर्मियों से नियमित कर्मचारियों के समान कार्य लिया जाता है, लेकिन उन्हें केवल मानदेय दिया जाता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा विभाग में नियमित पद रिक्त होने के बावजूद सरकार स्थायी भर्ती नहीं कर रही है और वर्षों तक संविदा कर्मचारियों से सेवाएं लेकर उनका शोषण किया जा रहा है। लंबे समय तक संविदा पर कार्य करने के कारण उनकी आयु अन्य विभागों में नौकरी के लिए भी नहीं बचती, जबकि उनकी नौकरी कभी भी समाप्त की जा सकती है।
कामरेड बोहरा ने हाल ही में जयपुर में संविदा नर्सिंग कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्यवाही से आहत एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अधिकांश संविदा कर्मचारियों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी होती है और रोजगार छिन जाने पर उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संविदा कर्मचारियों को समय पर मानदेय तक नहीं मिल पाता।
भाकपा नेता मनोज बोहरा ने राज्य सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहयोगिनियों तथा सभी संविदा कर्मचारियों को शीघ्र नियमित सरकारी सेवा में शामिल कर उनकी वर्षों पुरानी मांग का समाधान किया जाए।