युवा तुर्क पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि।
By Shubh Bhaskar ·
08 Jul 2026 ·
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युवा तुर्क पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- भारतीय राजनीति में "युवा तुर्क" के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर सर्व समाज जागृति संघ के संस्थापक अध्यक्ष व अन्य संगठनों के प्रमुख पदों से जुड़े डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि चंद्रशेखर ऐसे जननेता थे, जिन्होंने साहस, स्पष्टवादिता, लोकतांत्रिक मूल्यों और समाजवादी विचारधारा के बल पर भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी। वे भारत की मिट्टी से जुड़े हुए नेता थे और आम नागरिक, विशेषकर ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे।
उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर वर्ष 1962 में उत्तर प्रदेश से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। बाद में 1965 में कांग्रेस में शामिल हुए तथा 1968 से 1974 तक राज्यसभा सदस्य रहे। आपातकाल के दौरान सरकार की नीतियों का विरोध करने के कारण उन्हें मीसा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया और लगभग 19 माह जेल में रहना पड़ा।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि 1977 में जनता पार्टी के अध्यक्ष बनने के बाद चंद्रशेखर ने 1983 में कन्याकुमारी से दिल्ली तक लगभग 4,260 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक भारत पदयात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य देश की वास्तविक समस्याओं को समझना, आम जनता से संवाद स्थापित करना तथा सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना था। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भारत यात्रा केंद्रों की स्थापना कर युवाओं को सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर अनुसूचित जाति, जनजाति और वंचित वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों के प्रबल समर्थक थे तथा देश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के पक्षधर रहे। डॉ. शर्मा ने कहा कि मात्र 64 सांसदों के समर्थन के बावजूद प्रधानमंत्री बनकर उन्होंने लगभग सात माह तक देश का नेतृत्व किया, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
अंत में *डॉ. सुरेश चंद शर्मा* ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को भारत का अनमोल सपूत बताते हुए उन्हें शत-शत नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।