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नई दिल्ली: अयोध्या चढ़ावा चोरी दोबारा पहुंची SIT, चंपतराय, डॉ. अनिल और गोपाल राव से की पूछताछ बुलडोजर एक्शन की तैयारी

By Shubh Bhaskar · 03 Jul 2026 · 22 views
नई दिल्ली: अयोध्या चढ़ावा चोरी दोबारा पहुंची SIT, चंपतराय, डॉ. अनिल और गोपाल राव से की पूछताछ बुलडोजर एक्शन की तैयारी

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

नई दिल्ली: अयोध्या-राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) के तीनों सदस्य गुरुवार दोपहर दोबारा अयोध्या पहुंचे और जांच शुरू की। पहले ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्रा से एक घंटे तक पूछताछ के बाद व्यवस्थापक गोपाल राव को बुलाया गया। दान में मिले आभूषणों व भूमि खरीद से जुड़ी जानकारी लेने के बाद इनके बयान का मिलान ट्रस्ट महासचिव चंपतराय के बयान से किया। शुक्रवार को कुछ दानदाताओं व भूमि खरीद से जुड़े रहे लोगों को बुलाया गया है। उधर, पुलिस ने भी न्यायालय से आरोपित अविनाश शुक्ल की कस्टडी रिमांड ले ली है, शुक्रवार को उससे गहन पूछताछ होगी। उसे प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव भी ले जाया जाएगा। पुलिस टीम ने परिसर में पहुंच कर नकदी की गणना करने वाले दर्जन भर कर्मचारियों से भी पूछताछ की और दानपात्रों से नकदी निकालने व गणना की पूरी प्रक्रिया समझी।
एसआइटी के सदस्य लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, लखनऊ आइजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव, वित्त नीलरतन कुमार ने गत दिनों 15 से 20 जून तक परिसर में मौजूद रहकर छह दिनों की जांच के बाद 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसी के दो दिन बाद मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें आठ कर्मियों को आरोपित किया गया है। इन आरोपितों को न्यायिक रिमांड पर 13 जुलाई तक जेल में रखा गया है। इसी आधार पर अविनाश शुक्ल की कस्टडी रिमांड भी ले ली गई है। वहीं, अयोध्या विकास प्राधिकरण ने जयपुरिया स्कूल के पीछे बन रहे आरोपित लवकुश मिश्र के आलीशान मकान का मानचित्र स्वीकृत न होने को लेकर गुरुवार को उसकी पत्नी व आरोपित अनुकल्प मिश्र की बहन सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा है। मानचित्र स्वीकृत न होने की स्थिति में ध्वस्तीकरण भी होगा। वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद 11 दिनों के लंबे इंतजार पर गुरुवार को ही दोपहर दो बजे विशेष जांच दल के तीनों सदस्य भी अयोध्या पहुंच गए। अनिल मिश्र से सीधे यात्री सुविधा केंद्र के परिसर में बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक पूछताछ की।
गोपाल राव को कमरे के बाहर बिठाए रखा:
इस बीच व्यवस्थापक गोपाल राव को कमरे के बाहर बिठाए रखा गया। बाद में उन्हें भी बुलाया गया और आभूषण व भूमि खरीद से जुड़ी जानकारी ली गई। लगभग दो घंटे बाद परिसर से ही सटे तीर्थ क्षेत्र भवन में रह रहे महासचिव चंपतराय को बुलाया गया। उनसे भी जमीन व आभूषणों की जानकारी ली गई। महासचिव के ही जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित विभिन्न प्रपत्रों पर हस्ताक्षर हैं। गत दिनों एसआइटी को कुछ कागजात सौंप कर आप सांसद संजय सिंह ने इन्हीं पर कई गुना अधिक कीमत पर जमीन खरीदने का आरोप लगाया है। सूत्रों ने बताया कि अब शुक्रवार को एसआइटी ने उन लोगों को बुलाया है, जिनके नाम संजय सिंह की ओर से सौंपे गए कागजात में गवाह और क्रेता व विक्रेता के रूप में दर्ज हैं। बताया जा रहा कि एसआइटी में शामिल कर्मियों ने अब तक इनसे जुड़े कुछ साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। तीनों अधिकारी भले गत शनिवार को लखनऊ लौट गए थे, लेकिन उनकी टीम यहीं रहकर सत्यापन, रिकार्डों का मिलान व प्रपत्रों की ड्राफ्टिंग कर रही थी।
अविनाश शुक्ल को मुख्य आरोपित बना सकती है पुलिस:
पुलिस ने प्राथमिकी में आठ कर्मियों व एक अज्ञात को तो शामिल किया है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपित की मुख्य भूमिका नहीं दिखाई गई है। यानी इस मामले का अभी कोई मुख्य आरोपित सामने नहीं आया है। पुलिस ने फर्द बरामदगी में सर्वाधिक 20 लाख रुपये की नकदी व 1121 यूएस डालर की बरामदगी अविनाश शुक्ल के पास से दिखाई है।सर्वाधिक भूमिका अविनाश की ही सामने आ रही है। जिस कौशलपुरी में धनराशि के बंटवारे का आरोप लगता रहा है, वहां अविनाश भी अपने भाई अभिषेक के साथ रहता था। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि सर्वाधिक नकदी अविनाश ही चुराता रहा। इसी कारण इसके पास से सबसे ज्यादा धन भी मिला है। उधर, टिन्नू ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह अचानक यह देखने गणनाकक्ष पहुंचता था कि कहीं गणनाकर्मी अधिक रकम तो नहीं पार कर रहे हैं।
आ सकते हैं महिपाल और दीनानाथ वर्मा भी:
एसआइटी अब ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह व पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा सहित उन लोगों को भी बुला सकती है, जिन्होंने ट्रस्टियों पर आभूषणों को गायब कर देने का आरोप लगाया है। दीनानाथ वर्मा ने ट्रस्टी डा. अनिल मिश्रा पर निर्माण सामग्री के बिलों पर 40 प्रतिशत का कमीशन लेने और महिपाल सिंह ने सबसे पहले सामने आकर यह कहा था कि मंदिर से जुड़े तीनों जिम्मेदारों की जानकारी चढ़ावा में चोरी का कारनामा प्राण प्रतिष्ठा के पहले से चल रहा है। एसआइटी इनसे पूछताछ करके अपनी जांच का दायरा आगे बढ़ाएगी।

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