विश्व खेल पत्रकार दिवस: खेलों की निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग का संकल्प लेने का अवसर।
By Shubh Bhaskar ·
02 Jul 2026 ·
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विश्व खेल पत्रकार दिवस: खेलों की निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग का संकल्प लेने का अवसर।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- प्रेस क्लब वेलफेयर वर्ल्डवाइड फाउंडेशन के प्रेसिडेंट व अन्य संगठनों के प्रमुख पदों से जुड़े डॉ सुरेश चंद शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष ०2 जुलाई को विश्व खेल पत्रकार दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य खेल पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान करना तथा उन्हें निष्पक्ष, जिम्मेदार और उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रेरित करना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (AIPS) द्वारा की गई थी।
खेल पत्रकार खेल प्रतियोगिताओं की ताजा और विश्वसनीय जानकारी दर्शकों तक पहुंचाने के साथ-साथ खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उनकी भूमिका केवल मैचों के परिणाम बताने तक सीमित नहीं होती, बल्कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण होती है।
इस अवसर पर *डॉ. शर्मा* ने कहा कि खेल पत्रकारों के पास सामाजिक सरोकारों को उठाने और जनमत को प्रभावित करने का प्रभावशाली मंच होता है। वे अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता, समावेशिता तथा खिलाड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला सकते हैं। खेलों से जुड़ी प्रेरक कहानियां समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेलों के बढ़ते व्यवसायीकरण और कॉर्पोरेट घरानों के बढ़ते प्रभाव का असर खिलाड़ियों और खेलों की मूल भावना पर भी पड़ रहा है। बड़ी खेल लीगों में दर्शकों की बढ़ती रुचि ने मीडिया और प्रसारण प्लेटफॉर्म के लिए बड़ा बाजार तैयार किया है, जिससे खेलों का व्यावसायिक पक्ष लगातार मजबूत हो रहा है।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि विश्व खेल पत्रकार दिवस पर प्रत्येक खेल पत्रकार को सत्य, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों के साथ पत्रकारिता करने का संकल्प लेना चाहिए। ईमानदार और तथ्यपरक रिपोर्टिंग खेल व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पत्रकारिता का उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि खेलों को भाईचारे, सकारात्मक बदलाव और शांति का माध्यम बनाना होना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि भारत सरकार खेल मंत्रालय के माध्यम से उत्कृष्ट खेल पत्रकारों को सम्मानित करने की व्यवस्था करे। साथ ही खेल पत्रकारिता और खेल पत्रिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञापन एवं अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जाए। राष्ट्रीय खेल महासंघों को भी खेल पत्रकारों को पारदर्शी तरीके से सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा आयोजनों में प्रेस बॉक्स, इंटरनेट सुविधा, प्रेस पास और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।