आंधी-बारिश में हादसों को दावत देते सूखे और झुके पेड़, समय रहते रखरखाव नहीं होने से बढ़ता खतरा।
By Shubh Bhaskar ·
30 Jun 2026 ·
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आंधी-बारिश में हादसों को दावत देते सूखे और झुके पेड़, समय रहते रखरखाव नहीं होने से बढ़ता खतरा।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-राजगढ़- अलवर जिले में मानसून के दौरान आंधी, तेज हवाओं और बारिश के समय सूखे,जर्जर और झुके हुए पेड़ लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं। हर वर्ष ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जब पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं, वाहन क्षतिग्रस्त होते हैं और जनहानि तक की घटनाएं घट जाती हैं।
शहर के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों सहित प्रमुख मार्गों पर अनेक पेड़ ऐसे हैं जो या तो पूरी तरह सूख चुके हैं, दीमक से खोखले हो चुके हैं, अत्यधिक ऊंचे हो गए हैं या खतरनाक स्थिति में झुके हुए हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं बिजली के तारों से उलझी हुई हैं, जिससे तेज हवा और बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने, तार टूटने तथा करंट फैलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधिकांश मामलों में संबंधित विभाग किसी हादसे के बाद ही सक्रिय होते हैं, जबकि समय रहते ऐसे पेड़ों की पहचान, निरीक्षण और वैज्ञानिक तरीके से छंटाई या हटाने की नियमित व्यवस्था नहीं की जाती।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर निकाय, वन विभाग और विद्युत विभाग के समन्वय से विशेष अभियान चलाकर सूखे, जर्जर और खतरनाक पेड़ों का सर्वे कराया जाए। साथ ही उनकी समयबद्ध छंटाई या आवश्यकतानुसार हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।