गौ सेवा भगवान की विशेष कृपा का प्रतीक : अधिक मास में गौ माता के लिए अधिक से अधिक दान करने का आह्वान।
By Shubh Bhaskar ·
17 May 2026 ·
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गौ सेवा भगवान की विशेष कृपा का प्रतीक : अधिक मास में गौ माता के लिए अधिक से अधिक दान करने का आह्वान।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- बांदीकुई- गौ सेवा को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सर्वोच्च स्थान दिया गया है। जीव-जंतु प्रेमी व सर्प मित्र गौसेवक मुकेश सैनी व वक्ताओं ने कहा कि गौ सेवा वही लोग कर सकते हैं जो भगवान के विशेष कृपा पात्र होते हैं। गौ माता के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव रखने वाले व्यक्ति समाज में पुण्य और सम्मान के भागीदार बनते हैं।
उन्होंने कहा कि गायों के लिए दान भी वही लोग करते हैं जिन पर भगवान की विशेष कृपा होती है। धार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया गया कि राजा बलि ने अनेक प्रकार के दान दिए, लेकिन गौ माता के लिए दान नहीं दिया, जिसके कारण उनका अनुष्ठान भंग हो गया।
अधिक मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि यह समय अपने पाप कर्मों को सुधारने और पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ अवसर है। भगवान हर तीसरे वर्ष अधिक मास के रूप में मानव जीवन को आत्मचिंतन और सेवा का अवसर प्रदान करते हैं। इस दौरान सभी भामाशाहों और श्रद्धालुओं से गौ माता की सेवा एवं संरक्षण के लिए अधिक से अधिक दान करने की अपील की गई।
गौ सेवक हरि सिंह गुर्जर व मुकेश सैनी की सराहना करते हुए कहा गया कि वे भीषण गर्मी में भी गौ माता की सेवा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ऐसे समाजसेवी और गौ भक्तों के लिए सभी को प्रार्थना करनी चाहिए कि गौ माता उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु रखें ताकि वे निरंतर समाज सेवा और गौ सेवा करते रहें।
वक्ताओं ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भी मुकेश सैनी व हरि सिंह गुर्जर जैसे गौ सेवकों के पदचिह्नों पर चलकर सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों में आगे आना चाहिए। अंत में “जय गौ माता, जय गोपाल, गौ माता राष्ट्र माता” के जयघोष नारे लगाए गए।