संकटकाल में मीडिया की पारदर्शिता इतिहास रचने में सबसे अग्रणी : के.आर. अरुण डिजिटल पत्रकारिता में मूल्यों के अभाव को रोकने की जरूरत बताई।
By Shubh Bhaskar ·
17 May 2026 ·
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संकटकाल में मीडिया की पारदर्शिता इतिहास रचने में सबसे अग्रणी : के.आर. अरुण
डिजिटल पत्रकारिता में मूल्यों के अभाव को रोकने की जरूरत बताई।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-अलवर डिजिटल पत्रकारिता और मोबाइल जर्नलिज्म (Mojo) आज सूचना क्रांति का सबसे तेज और प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। बदलते समय में तकनीक पत्रकारिता के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों, नैतिकता और विश्वसनीयता से समझौता किया जाए। यह विचार न्यूज़ पेपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NAI) के कार्यकारी अध्यक्ष के.आर. अरुण ने जनजागरूकता मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उन्होंने “विकसित भारत के लिए स्वर्णिम अवसरों की तलाश” विषय पर ग्रामीण पत्रकारों के उज्ज्वल भविष्य और डिजिटल मोबाइल जर्नलिज्म के बढ़ते अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज का ग्रामीण पत्रकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक पत्रकारिता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय संस्था के तहत आयोजित किया गया, जिसमें डा. संदीप मारवाह के नेतृत्व में संचालित इंटरनेशनल जर्नलिज्म सेंटर, नोएडा फिल्म सिटी के महासचिव डा. विपिन गौड़ द्वारा के.आर. अरुण को नॉर्थ ज़ोन चेयरमैन नियुक्त किए जाने के बाद उन्होंने अपने विचार साझा किए।
के.आर. अरुण ने कहा कि प्रिंट मीडिया के सामने डिजिटल मोबाइल जर्नलिज्म एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, लेकिन इसे समझने और अपनाने के नैतिक तरीकों में सामंजस्य की कमी के कारण मीडिया संस्थानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समाचार पत्रों ने भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार किया है, उनकी प्रसार संख्या में कोई विशेष कमी नहीं आई है। पत्रकारिता में सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए शिक्षित और प्रशिक्षित पत्रकारिता आवश्यक है।
इस दौरान डा. विपिन गौड़ ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सामने चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन समाधान भी उसी के पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण पत्रकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक पत्रकारिता की पहचान बना सकता है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में के.आर. अरुण ने Marwah Studios और इंटरनेशनल जर्नलिज्म सेंटर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डा. संदीप मारवाह के नेतृत्व में यह संस्थान विश्व स्तर पर लाखों युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के अभाव से नहीं जूझना पड़ता, बल्कि उन्हें स्वयं अवसर सृजित करने वाला भविष्य निर्माता बनाया जाता है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि सर्वसम्मति और आवश्यक सहमति बनी तो समाजसेवी राजेश जोशी के प्रस्ताव पर इस वर्ष दीपावली के आसपास अलवर में ग्रामीण पत्रकारों के लिए नोएडा से संबद्ध एक पत्रकारिता विद्यालय या संस्थान स्थापित किया जा सकता ।