कोटा 'किडनी फेलियर' कांड: PHS का भारी एक्शन—दोषियों पर गिरेगी गाज, 24 दवाओं के इस्तेमाल पर लगा बैनसिस्टम की सर्जरी: शासन सचिव गायत्री राठौड़ बोलीं।
By Shubh Bhaskar ·
12 May 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
कोटा 'किडनी फेलियर' कांड: PHS का भारी एक्शन—दोषियों पर गिरेगी गाज, 24 दवाओं के इस्तेमाल पर लगा बैनसिस्टम की सर्जरी: शासन सचिव गायत्री राठौड़ बोलीं।
"नर्सिंग छात्रों को कैनुला तक लगाना नहीं आता, सुपरविजन में हुई गंभीर चूक; अब सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी में ही होंगे ऑपरेशन।
कोटा शहर के जेके लोन और मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में प्रसूताओं की जान से खिलवाड़ के मामले ने प्रदेश की सियासत और स्वास्थ्य महकमे को हिला दिया है। मंगलवार को कोटा पहुंचीं प्रमुख शासन सचिव (PHS) गायत्री राठौड़ ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन की जमकर क्लास ली। उन्होंने अस्पताल में 'सुपरवाइजरी नेगलिजेंस' (पर्यवेक्षण में लापरवाही) को मौत और किडनी फेलियर का मुख्य कारण करार दिया।
कैनुला तक लगाना नहीं जानते नर्सिंग छात्र!
PHS राठौड़ उस समय भड़क उठीं जब उन्होंने नर्सिंग छात्रों को बुनियादी चिकित्सा प्रक्रियाएं करते देखा। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, "हैरानी की बात है कि इन प्रशिक्षुओं को कैनुला लगाना तक नहीं आता।
इनके भरोसे मरीजों को छोड़ना मौत को दावत देना है।
" उन्होंने आदेश दिए कि अब से हर सर्जरी केवल सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी में ही होगी और रेजिडेंट्स या नर्सिंग स्टाफ के भरोसे कोई भी गंभीर केस नहीं छोड़ा जाएगा।24 दवाओं के बैच बैन, जांच के लिए भेजे सैंपलसरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 दवाओं के संदिग्ध बैचों की बिक्री और इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ड्रग कंट्रोल विभाग ने इनके सैंपल लैब भेजे हैं। आशंका जताई जा रही है कि दवाओं में संक्रमण या गलत डोज की वजह से महिलाओं की किडनी पर असर पड़ा है।
मौत का आंकड़ा:- एक सप्ताह में 4 प्रसूताओं की जान जा चुकी है, जबकि 8 अन्य की किडनी खराब हुई है।
प्रारंभिक जांच के बाद कई चिकित्सा कर्मियों पर गाज गिरनी तय है, कुछ को निलंबित किया जा चुका है।
साहब, इंसाफ चाहिए"—अस्पताल के बाहर परिजन 50 लाख मुआवजे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
जांच में ओटी (OT) में नमी और फंगस के कारण संक्रमण फैलने की बात भी सामने आ रही है।