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मुख्य सचिव और डीजीपी ने किया 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण। ‘राजस्थान संपर्क’ मॉडल को बताया देश का सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण तंत्र।

By Shubh Bhaskar · 28 Apr 2026 · 11 views
मुख्य सचिव और डीजीपी ने किया 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण।

‘राजस्थान संपर्क’ मॉडल को बताया देश का सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण तंत्र।


*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- राज्य में सुशासन को मजबूत करने और अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास एवं पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने शासन सचिवालय स्थित ‘राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र’ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने हेल्पलाइन केंद्र की व्यवस्थाओं, कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायतों की प्रगति और उनके निस्तारण की गुणवत्ता का गहन अवलोकन किया। इस दौरान एक प्रकरण को केस-स्टडी के रूप में सुनकर समाधान प्रक्रिया की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को त्वरित और प्रभावी सेवाएं मिल सकें। निरीक्षण के बाद उन्होंने संदेश पट्ट पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ‘राजस्थान संपर्क’ पोर्टल को “देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली” बताया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके तार्किक समाधान तक की डिजिटल प्रक्रिया अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल है।
वहीं, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने केंद्र में शिकायतों की लाइव सुनवाई का अनुभव लिया और इसे ‘आई-ओपनर’ बताते हुए कहा कि यह प्रणाली जन-शिकायत निवारण को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने जयपुर ग्रामीण के फागी वृत्त से जुड़े एक प्रकरण में परिवादी हेमराज बुनकर से संवाद भी किया। परिवादी ने रेनवाल मांझी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। इस पर संबंधित वृत्ताधिकारी द्वारा राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दिए गए जवाब में बताया गया कि उसी दिन परिवाद दर्ज कर लिया गया था और मामले में अनुसंधान जारी है।
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का सही श्रेणीकरण, सटीक विषय निर्धारण (सब्जेक्ट रिवीजन) और उचित स्तर पर मैपिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सेवा वितरण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए तथा लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
95 प्रतिशत प्रकरणों का हुआ निस्तारण
संपर्क पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पुलिस विभाग से जुड़े कुल 1,60,292 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 1,52,444 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह लगभग 95 प्रतिशत निस्तारण दर दर्शाता है, जो प्रणाली की प्रभावशीलता और त्वरित कार्यवाही का प्रमाण है।

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