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शहर को जाम से मुक्ति नहीं, प्रशासन पर सीपीआई का आरोप।

By Shubh Bhaskar · 11 Apr 2026 · 7 views
शहर को जाम से मुक्ति नहीं, प्रशासन पर सीपीआई का आरोप।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- अलवर- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने अलवर शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के जिला सचिव तेजपाल सैनी ने कहा कि निकट भविष्य में शहर को जाम से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पार्टी पिछले एक वर्ष से लगातार ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों के माध्यम से “शहर को जाम से बचाओ, अंडरग्राउंड पार्किंग बनाओ” की मांग उठाती रही है। 27 मार्च को भी शहर कमेटी के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना देकर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (द्वितीय) के माध्यम से नगर निगम और नगर विकास न्यास को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अंडरग्राउंड पार्किंग निर्माण की मांग प्रमुख थी।
सीपीआई ने प्रशासन को रामलीला मैदान, तांगा स्टैंड, पुराना जनाना अस्पताल (बजाजा बाजार), प्रगति मार्केट, पुरानी तहसील परिसर, शहर कोतवाली के पास, केडलगंज क्षेत्र के मैदानों और नेपाल मार्केट जैसे स्थानों पर अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने के सुझाव भी दिए।
सैनी ने बताया कि 22 अप्रैल 2025 को यूआईटी पर दिए गए ज्ञापन के दौरान सचिव ने रामलीला मैदान को छोटा बताते हुए वहां पार्किंग निर्माण को अनुपयुक्त बताया, जबकि अन्य स्थानों पर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की नकारात्मक सोच के चलते रामलीला मैदान में पार्किंग की संभावना को खत्म कर दिया गया और वहां पिंक टॉयलेट बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक खन्ना सहित कई विशेषज्ञों ने भी रामलीला मैदान को पार्किंग के लिए उपयुक्त माना है, लेकिन प्रशासन की हठधर्मिता के कारण इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सीपीआई ने यह भी कहा कि शहर में जाम के प्रमुख कारणों में स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण तथा आवारा पशु शामिल हैं, जिन पर नियंत्रण करने में प्रशासन विफल रहा है। इसके अलावा, शहर में आने वाले हजारों दुकानदारों और आमजन के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से लोग मजबूरन सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम की स्थिति और बिगड़ती है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुसार नए बाजार विकसित नहीं किए गए, जिससे मुख्य बाजारों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कृषि उपज मंडी के साथ बनी सब्जी मंडी में भी केवल थोक विक्रेताओं के लिए ही व्यवस्था की गई है, जबकि खुदरा विक्रेताओं के लिए कोई स्थायी स्थान नहीं है।
सीपीआई ने कहा कि 27 मार्च को यूआईटी की 315वीं बैठक में अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी, लेकिन जय कॉम्प्लेक्स में प्रस्तावित पार्किंग का दुकानदारों द्वारा विरोध किए जाने से वह योजना भी अटक गई।
अंत में पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि वह आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करे और शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।

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