हाईटेंशन लाइन का कहर: वरिष्ठ पत्रकार रंजीत तिवारी की दर्दनाक मौत विद्युत विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
By Shubh Bhaskar ·
10 Apr 2026 ·
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हाईटेंशन लाइन का कहर: वरिष्ठ पत्रकार रंजीत तिवारी की दर्दनाक मौत
विद्युत विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
गोंडा। जनपद से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां हाईटेंशन विद्युत लाइन ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नगर कोतवाली क्षेत्र के पोर्टरगंज पथवलिया गांव निवासी वरिष्ठ पत्रकार रंजीत तिवारी (35) की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। वह ‘हिंदुस्तान’ अखबार से जुड़े मिलनसार और निर्भीक पत्रकार के रूप में जाने जाते थे। बताया जा रहा है कि रंजीत तिवारी के घर के ऊपर से पिछले कई वर्षों से हाईटेंशन बिजली का तार गुजर रहा था। यह तार उनके मकान की छत के बेहद करीब आ गया था, जिससे लगातार खतरा बना हुआ था। इस गंभीर समस्या को लेकर रंजीत तिवारी पिछले करीब 10 वर्षों से बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत और पैरवी करते आ रहे थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शुक्रवार की सुबह तार और अधिक झुककर छत के बेहद नजदीक आ गया था। रंजीत तिवारी इस संभावित खतरे को लेकर आसपास के लोगों को सतर्क कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे इसे सीधे तौर पर विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम बता रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला जज, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल भी मृतक के आवास पहुंचे। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मृतक के भाई अमरजीत तिवारी ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने शिकायतों पर संज्ञान लिया होता और हाईटेंशन लाइन को हटाने या सुरक्षित करने की कार्रवाई की गई होती,तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब लोग पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रंजीत तिवारी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे पत्रकार जगत और क्षेत्र में शोक की लहर है।