कर्नलगंज नगर पालिका में नामित सभासदों का शपथ ग्रहण,
By Shubh Bhaskar ·
09 Apr 2026 ·
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कर्नलगंज नगर पालिका में नामित सभासदों का शपथ ग्रहण,
सुनील कुमार मिश्रा बद्री दैनिक शुभ भास्कर उत्तर प्रदेश गोंडा। नगर पालिका परिषद कर्नलगंज के सभागार में बुधवार को शासन द्वारा नामित सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा ने सभी नामित सभासदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी नामित सभासदों को ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ कर्तव्यों के निर्वहन की नसीहत दी। उपजिलाधिकारी ने नगर के समग्र विकास में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही जनसेवा का मूल उद्देश्य है। शपथ लेने वालों में सभासद शिव शंकर भट्ट उर्फ शिवा भट्ट, मुकेश खेतान, भूपेंद्र सिंह, मधु वर्मा और ओम प्रकाश गौतम शामिल रहे। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी सुरभि पाण्डेय, लिपिक आशीष सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष आशीष गिरी तथा नगर पालिका के कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान सभासदों ने नगर में स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कई निर्वाचित सभासद एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे,जिनमें जमील राईनी, मुख्तार, नीरज जायसवाल, परवेज आलम, सचिन गुप्ता, डॉ. रामतेज, इलियास अंसारी, इरफान, प्रेमचंद सोनी और विनीत पाण्डेय प्रमुख रहे। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद के द्वारा नामित सभासद के अलावा किसी भी बोर्ड सदस्य को आमंत्रित नहीं किया गया, जिसकी शिकायत वहीं पर उप जिलाधिकारी से की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। लेकिन इस पूरे आयोजन में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा रामलली कार्यक्रम से पूरी तरह नदारद रहीं। उनकी अनुपस्थिति में उनके पति रामजी लाल मोदनवाल बतौर प्रतिनिधि कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आए। पालिका अध्यक्षा की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। स्थानीय स्तर पर पहले से ही यह आरोप लगते रहे हैं कि नगर पालिका में वास्तविक संचालन अध्यक्षा के बजाय उनके पति द्वारा किया जा रहा है। शपथ समारोह के दौरान भी उनकी सक्रियता ने इन आरोपों को और हवा दे दी है। मामला तब और गंभीर हो गया जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सूत्रों का कहना है कि यह स्थिति शासन के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है,जहां निर्वाचित पदाधिकारी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कार्य संचालन किया जाना नियम विरुद्ध है। इसके बावजूद अधिशासी अधिकारी और संबंधित उच्चाधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं, जिससे उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका में नियम-कायदों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है और “खड़ाऊं राज” की स्थिति बनी हुई है, जहां वास्तविक अधिकार किसी और के हाथ में है। लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।