धर्म की रक्षा के लिए परशुराम जयंती मनाएं – *डॉ. सुरेश चंद शर्मा
By Shubh Bhaskar ·
08 Apr 2026 ·
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धर्म की रक्षा के लिए परशुराम जयंती मनाएं – *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने समस्त देशवासियों से आह्वान किया है कि 19 अप्रैल, रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देशभर में शोभायात्राएं निकालकर, पूजन-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर समाज को धर्म के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, शौर्य, न्याय, ज्ञान और अनुशासन के प्रतीक हैं। वे शस्त्र और शास्त्र दोनों में पारंगत एक महान ऋषि-योद्धा थे, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया। वे महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के पुत्र थे, जिनका जन्म पृथ्वी पर बढ़ते अधर्म के अंत के लिए हुआ था।
उन्होंने कहा कि परशुराम जी ने प्रारंभिक जीवन में वेदों का गहन अध्ययन किया, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें शस्त्र उठाने के लिए प्रेरित किया। भगवान शिव से प्राप्त परशु (कुल्हाड़ी) उनके पराक्रम का प्रतीक है, जिसका उपयोग उन्होंने अहंकार और अन्याय के विनाश के लिए किया। शास्त्रों के अनुसार, उन्होंने 21 बार अत्याचारी शासकों का संहार कर धर्म की स्थापना की।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि जब सत्ता निरंकुश हो जाती है और अहंकार बढ़ जाता है, तब समाज में संतुलन स्थापित करने के लिए परशुराम जैसी शक्ति का प्रकट होना आवश्यक होता है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाते हुए अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प लें।
अंत में उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें साहस, धर्मनिष्ठा और संघर्ष की प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेश चंद्र शर्मा ने यह भी बताया की राजनीति से जुड़े लोगों को युवाओं के भविष्य की ओर ध्यान देना चाहीए ना की उनके साथ खिलवाड करना चाहीए