जिले को मिलेगी आधुनिक न्यायालय परिसर की सौगात : सांगानेर तस्वारिया में 62 बीघा भूमि का हुआ विधिवत भूमि पूजन
By Shubh Bhaskar ·
05 Apr 2026 ·
45 views
जिले को मिलेगी आधुनिक न्यायालय परिसर की सौगात : सांगानेर तस्वारिया में 62 बीघा भूमि का हुआ विधिवत भूमि पूजन
तकनीक को अपनाएं, लेकिन समाधान व्यावहारिक हों”– मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा
भूमि पूजन केवल एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के सुदृढ़ एवं सशक्त भविष्य की नींव- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
भीलवाड़ा-राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक माननीय मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए न्यायिक प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, किन्तु यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि तकनीक का उपयोग व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख हो। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
यह बात उन्होंने सांगानेर-तस्वारिया स्थित 62 बीघा भूमि पर नवीन जिला न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु आयोजित समारोह के दौरान कहीं।
उन्होंने नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण में आधुनिक एवं समुचित सुविधाओं के समावेश पर बल देते हुए कहा कि पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, पुस्तकालय, प्रतीक्षालय एवं पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि न्यायिक कार्यों का सुचारू संचालन हो सके।
इस अवसर पर सांगानेर-तस्वारिया स्थित 62 बीघा भूमि पर नवीन जिला न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु विधिवत भूमि पूजन किया गया।
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी, माननीय न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी, न्यायाधिपति फरजन्द अली, न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य भूमि पूजन से हुआ।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा नवीन न्यायालय परिसर हेतु आवंटित भूमि पर किया गया यह भूमि पूजन केवल एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के सुदृढ़ एवं सशक्त भविष्य की नींव रखने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था लोकतंत्र की आधारशिला है और जब न्याय सुलभ, सुगम एवं प्रभावी होता है, तभी समाज में विश्वास, संतुलन एवं स्थिरता सुनिश्चित होती है।
न्यायाधिपति पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सहभागिता को सकारात्मक एवं उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इससे न्याय प्रणाली अधिक समावेशी एवं सशक्त बन रही है।
न्यायाधिपति फरजंद अली ने युवा अधिवक्ताओं को पढ़ने और परिश्रम करने के लिए प्रेरणापस्द उद्बोधन दिया।
अभय जैन जिला एवं सेशन न्यायाधीश भीलवाड़ा ने कहा कि 62 बीघा भूमि का आवंटन न्यायिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस पहल है, जो समाज में न्याय के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगा। नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण से वर्तमान में स्थानाभाव के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान होगा तथा न्यायिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार आएगा।
मंच संचालन विशिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट एन. आई. एक्ट 5 प्रियंका पुरोहित व अशोक व्यास ने किया|