फ्लैगशिप योजना श्रृंखला लाडो प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल—महिला सशक्तिकरण की दिशा में कारगर कदम।
By Shubh Bhaskar ·
05 Apr 2026 ·
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फ्लैगशिप योजना श्रृंखला
लाडो प्रोत्साहन योजना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल—महिला सशक्तिकरण की दिशा में कारगर कदम।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर-
अलवर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में ०1 अगस्त 2024 से प्रारंभ की गई लाडो प्रोत्साहन योजना बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा उनके स्वास्थ्य एवं शिक्षा स्तर को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।
योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को 12 मार्च 2025 से बढ़ाकर ०1 लाख रुपये से 1.50 लाख रुपये कर दिया गया है। अब बालिका के जन्म पर ही डेढ़ लाख रुपये का संकल्प पत्र प्रदान किया जाता है, जिसका भुगतान ०7 किश्तों में सीधे बैंक खातों में किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत बालिका को जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक कुल 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। पहली छह किश्तें माता-पिता या अभिभावक के खाते में तथा अंतिम किश्त बालिका के स्वयं के खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
किश्तों के तहत जन्म पर 2,500 रुपये, एक वर्ष पूर्ण व टीकाकरण पर 2,500 रुपये, पहली कक्षा में प्रवेश पर 4,000 रुपये, छठी कक्षा में 5,000 रुपये, दसवीं में 11,000 रुपये, बारहवीं में 25,000 रुपये तथा स्नातक उत्तीर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ०1 लाख रुपये की अंतिम किश्त दी जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए बालिका का जन्म सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सा संस्थान में होना तथा माता का राजस्थान की मूल निवासी होना आवश्यक है। योजना का संचालन पीसीटीएस पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें जन्म के समय बालिका को यूनिक आईडी प्रदान की जाती है और इसी के आधार पर सभी किश्तों का भुगतान ट्रैक किया जाता है।
योजना के अंतर्गत सभी भुगतान डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खातों में ऑनलाइन किए जाते हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
लाडो प्रोत्साहन योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है तथा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।