डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाएं - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
By Shubh Bhaskar ·
05 Apr 2026 ·
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डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाएं
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती की तैयारियों के संबंध में
समीक्षा बैठक संपन्न
अश्विनी वालिया ब्यूरो चीफ
मुंबई, भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए विचारों और संविधान ने देश को प्रगति की दिशा प्रदान की है। उनके कार्य और समाज के उत्थान के लिए किए गए योगदान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार हर वर्ष डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती को अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास करती है, और इस वर्ष भी विभिन्न विभागों के समन्वय से इसे और अधिक व्यापक रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपील की कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती को उनके विचारों के उत्सव के रूप में मनाया जाए। 14 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती की तैयारियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथि गृह में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, पूर्व राज्यमंत्री भाई गिरकर, पूर्व विधायक प्रकाश गजभिये, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव गोविंदराज, कोकण विभागीय आयुक्त रूबल अग्रवाल, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी, सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव हर्षदीप कांबळे, भंते डॉ. राहुल बोधी महाथेरो, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिन समन्वय समिति के महासचिव नागसेन कांबळे, दादर चैत्यभूमि स्मारक समिति के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और कार्यों की प्रेरणा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डॉ. आंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है और इसके समावेशी सिद्धांतों के कारण भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। समाज को मिलने वाले अवसर, अधिकार और प्रगति के पीछे किसका योगदान है, यह नई पीढ़ी को समझना आवश्यक है। इसलिए जयंती समारोह केवल उत्सव न होकर विचारों के प्रसार का माध्यम बनना चाहिए।
14 अप्रैल को देशभर से लाखों अनुयायी चैत्यभूमि पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने आते हैं। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आने वाले नागरिकों के लिए व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गर्मी से बचाव के लिए विभिन्न स्थानों पर मंडप लगाए जाएं और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। दादर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उचित योजना बनाई जाए।
नागरिकों के मार्गदर्शन के लिए विभिन्न स्थानों पर सूचना पट लगाए जाएं। बेस्ट प्रशासन द्वारा दादर रेलवे स्टेशन से चैत्यभूमि तक पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध कराई जाए, जिससे लोगों की आवाजाही सुगम हो सके। यह उल्लेख करते हुए कि डॉ. आंबेडकर जयंती भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है, मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को और बेहतर ढंग से संपन्न करने की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि भारतीय संविधान को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है, जिसे जिला कलेक्टर कार्यालयों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डॉ. आंबेडकर के “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” संदेश को ध्यान में रखते हुए छात्रों के लिए बड़े पैमाने पर छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। इस वर्ष जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 13 अप्रैल की शाम को चैत्यभूमि परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन पर आधारित भव्य ड्रोन शो प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में पुलिस सलामी, चैत्यभूमि पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, शिवाजी महाराज मैदान में विशाल निवास मंडप, आपातकालीन एवं स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रदर्शनी मंडप, चैत्यभूमि स्तूप और परिसर की सजावट, लोकराज्य पत्रिका का विशेषांक तथा शासकीय प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
बैठक में मुंबई महानगरपालिका द्वारा की गई तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस अवसर पर मान्यवरों के हस्ते डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर का विमोचन किया गया।