छुट्टा सांड़ का कहर: 12 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, सिस्टम पर सवाल
By Shubh Bhaskar ·
03 Apr 2026 ·
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छुट्टा सांड़ का कहर: 12 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, सिस्टम पर सवाल
दैनिक शुभ भास्कर श्रीमती हंसा उत्तर प्रदेश कर्नलगंज, गोण्डा। तहसील व कोतवाली कर्नलगंज क्षेत्र के कुतुबपुर (कांधी) गांव में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खेल रहे 12 वर्षीय मासूम अमन पर अचानक एक छुट्टा सांड़ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव के रहने वाले कृपाराम का पुत्र अमन घटना के समय घर के पास ही अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। अचानक हुए इस हमले से गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। हल्का लेखपाल समेत अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। वहीं ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
जिम्मेदार कौन?
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में लंबे समय से छुट्टा पशुओं का आतंक बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो छुट्टा पशुओं को पकड़ने की कोई ठोस व्यवस्था की गई और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए। नतीजा, आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
प्रशासनिक लापरवाही या सिस्टम की विफलता?
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है। सवाल यह है कि जब गांवों में छुट्टा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है, तो जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेंगे?
इंसानियत को झकझोरने वाली घटना
अमन की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। हर किसी की आंखें नम हैं और दिल में यही सवाल—अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या यह मासूम आज जिंदा होता? अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।