आजादी के 80 साल बाद भी टोंक जिला मुख्यालय रेल से महरूम हरीश चन्द्र मीना ने लोकसभा में उठाई मांग।
By Shubh Bhaskar ·
02 Apr 2026 ·
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आजादी के 80 साल बाद भी टोंक जिला मुख्यालय रेल से महरूम हरीश चन्द्र मीना ने लोकसभा में उठाई मांग।
दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान आदित्य कश्यप । टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीश चंद्र मीना ने आज लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र टोंक सवाई माधोपुर के टोंक जिला मुख्यालय को रेल से जोड़ने की दशकों पुरानी पीड़ा को प्रमुखता से उठाया।
बजट सत्र के दौरान 'लोक महत्व के मुद्दे' पर बोलते हुए सांसद मीना ने सरकार का ध्यान इस ओर खींचा कि टोंक जिला आज भी देश के उन पिछड़े क्षेत्रों में शुमार है, जहां आजादी के बाद से अब तक रेल की पटरी नहीं बिछ पाई है।
सांसद हरीश चन्द्र मीना ने सदन में भावुक होते हुए कहा, "मैं उस अभागे जिले का प्रतिनिधित्व करता हूँ, जहाँ के लोगों ने आज तक अपने शहर में रेल नहीं देखी।
हमारे बच्चों को शिक्षा के लिए, मरीजों को इलाज के लिए और किसानों को रेल सुविधा के लिए जयपुर या कोटा जाना पड़ता है।"
'नारों' और 'डबल इंजन' सरकार पर घेरा
सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास' और 'सबका प्रयास' के नारों का जिक्र करते हुए सांसद महोदय ने कहा कि राजस्थान और केंद्र, दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद टोंक की जनता न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने सरकार के वादों पर भरोसा किया है, अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस भरोसे को टूटने न दे।
नसीराबाद के रास्ते जोड़ने का प्रस्ताव
सांसद ने पुरजोर मांग की कि टोंक को अजमेर से वाया नसीराबाद रेल लाइन के माध्यम से जोड़ा जाए।
सांसद मीना ने कहा कि बिना रेल कनेक्टिविटी के इस क्षेत्र का औद्योगिक और सामाजिक विकास संभव नहीं है।
अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने हाथ जोड़कर सदन और सरकार से अपील की कि टोंक जिले को रेल मार्ग से जोड़कर यहां के गरीब और पिछड़े लोगों के साथ न्याय किया जाए ताकि टोंक जिला विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।