कांग्रेस में आंतरिक 'विस्फोट': डोटासरा पर अपनों ने ही दागे भ्रष्टाचार के गोले, 23 रिश्तेदारों को 'रेवड़ी' की तरह बांटी सरकारी नौकरियां!
By Shubh Bhaskar ·
01 Apr 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
कांग्रेस में आंतरिक 'विस्फोट': डोटासरा पर अपनों ने ही दागे भ्रष्टाचार के गोले, 23 रिश्तेदारों को 'रेवड़ी' की तरह बांटी सरकारी नौकरियां!
- नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष आबिद खान का बड़ा हमला
"डोटासरा को हटाओ, जांच कराओ वरना राजस्थान से साफ हो जाएगी कांग्रेस"
कोटा शहर की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस के ही एक कद्दावर नेता ने अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष और हाड़ौती के प्रख्यात समाजसेवी आबिद खान ने डोटासरा पर पद के दुरुपयोग का 'भयंकर' आरोप लगाते हुए प्रदेश की राजनीति में 'बवंडर' ला दिया है। खान ने दावा किया है कि डोटासरा ने अपने पद की मर्यादा को ताक पर रखकर अपने ही परिवार के 23 सदस्यों को नियम विरुद्ध सरकारी नौकरियों की 'सौगात' दी है।
लक्ष्मणगढ़ से जयपुर तक जनता में भारी आक्रोश: आबिद खान
हाल ही में लक्ष्मणगढ़ और जयपुर के दौरे से लौटे आबिद खान ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि— "जनता के बीच अब यह बात कोई रहस्य नहीं रह गई है। हर जुबान पर यही चर्चा है कि डोटासरा ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर अपने परिवार के अयोग्य लोगों को फर्जी तरीके से सरकारी कुर्सियों पर बिठाया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चुप्पी और टीकाराम जूली की खामोशी इस भ्रष्टाचार को मौन सहमति दे रही है।"
"ईमानदार टीम" के मुखौटे पर गहरा दाग
आबिद खान ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस खुद को 'सच्ची और ईमानदार टीम' बताती है, लेकिन डोटासरा के इन कारनामों ने पार्टी की साख को मिट्टी में मिला दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब युवाओं का हक मारा जा रहा था, तब पार्टी के बड़े नेता चुप क्यों थे? खान के अनुसार, पत्रकारिता जगत और स्थानीय सूत्रों की रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि ये नियुक्तियां 'जबरन' करवाई गई हैं।
राहुल गांधी से सीधी मांग:- डोटासरा को पद से हटाकर हो उच्च स्तरीय जांच
आबिद खान ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी को सीधा सन्देश भेजते हुए मांग की है कि तुरंत बर्खास्तगी: गोविंद सिंह डोटासरा को तत्काल प्रभाव से प्रदेश अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए।
न्यायिक जांच: डोटासरा के कार्यकाल में उनके परिवार को मिली सभी नौकरियों की निष्पक्ष जांच हो।
चुनावों पर खतरा: यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होना तय है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:- क्या गिरेगी डोटासरा पर गाज?
आबिद खान के इस साहसी बयान ने कांग्रेस के भीतर खलबली मचा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर डोटासरा पर लगे इन आरोपों की जांच शुरू होती है, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। खान ने चेतावनी दी है कि राजस्थान की जनता अब जाग चुकी है और इस 'नौकरी घोटाले' का जवाब आने वाले चुनावों में कांग्रेस को 'बाहर' का रास्ता दिखाकर देगी।