31 मार्च को मनाई जाएगी महावीर जयंती, भगवान महावीर के सिद्धांतों से बन सकता है आदर्श समाज : *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
31 Mar 2026 ·
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31 मार्च को मनाई जाएगी महावीर जयंती, भगवान महावीर के सिद्धांतों से बन सकता है आदर्श समाज : *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
(माचाड़ीअलवर):-जयपुर- जयपुर प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महावीर जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष उदय तिथि के अनुसार महावीर जयंती 31 मार्च 2026 को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है।
महावीर जयंती के अवसर पर जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक आयोजन तथा भव्य रथ यात्राएं निकाली जाती हैं। रथ यात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। इस दौरान जैन संत, मुनि एवं विद्वान भगवान महावीर के जीवन, उनके आदर्शों और शिक्षाओं पर प्रवचन देते हैं।
सर्व समाज जागृति संघ के संस्थापक अध्यक्ष व बृजवासी गौरक्षक सेना भारत संघ और शिव शक्ति संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व श्रमजीवी पत्रकार संघ के तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि यदि देशवासी भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार लें, तो देश में रामराज्य जैसी व्यवस्था स्थापित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने “अहिंसा परमो धर्म” का संदेश दिया। उनका मानना था कि मन, वचन और कर्म से किसी को भी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए।
*डॉ. शर्मा* ने बताया कि भगवान महावीर की प्रमुख शिक्षाओं में सत्य के मार्ग पर चलना, सदैव सच बोलना, ईमानदारी से जीवन जीना, “जियो और जीने दो” का संदेश अपनाना, सभी जीवों के प्रति दया भाव रखना, भौतिक वस्तुओं के प्रति मोह कम करना तथा सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखने, जाति-पाति एवं ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त कर सभी को समान दृष्टि से देखने का संदेश दिया। उनके अनुसार आत्मा अकेले आती है और अकेले ही चली जाती है, इसलिए मनुष्य को अच्छे कर्म करते हुए मानवता और प्रेम का मार्ग अपनाना चाहिए।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपनाकर एक शांतिपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और आदर्श समाज का निर्माण किया जा सकता है।