राजस्थान रोडवेज में ‘फर्जी टिकट’ का बड़ा खुलासा, सारथी फरार।
By Shubh Bhaskar ·
29 Mar 2026 ·
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राजस्थान रोडवेज में ‘फर्जी टिकट’ का बड़ा खुलासा, सारथी फरार।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की बसों में फर्जी टिकट जारी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीकानेर-जयपुर रूट पर चल रही एक बस में चेकिंग के दौरान यह खुलासा हुआ, जिससे रोडवेज विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से बड़े स्तर पर संचालित हो रहा था।
*ऐसे हुआ भंडाफोड़*
बीकानेर आगार की मुख्य प्रबंधक इंद्रा गोदारा और सह प्रशासनिक अधिकारी उर्मिला राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने कार्यवाही की।
*ऑपरेशन नोखा के तहत* विद्याधर नगर से बीकानेर जा रही बस को नोखा के पास ‘बुदरों की ढाणी’ में रुकवाया गया।
अचानक जांच के दौरान 10 यात्रियों के पास मिले टिकट पहली नजर में असली जैसे लगे, लेकिन उनकी सीरीज और नंबरिंग रोडवेज रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती थी।
सरकारी मशीन को किया किनारे, ‘सीक्रेट डिवाइस’ से टिकट
जांच में सामने आया कि बस सारथी अंकित बिश्नोई (निवासी अलाय, नागौर) ने आधिकारिक ईटीएम मशीन का उपयोग नहीं किया।
वह किसी बाहरी डिवाइस—संभवतः थर्मल प्रिंटर या क्लोन मशीन—से फर्जी टिकट प्रिंट कर रहा था।
मौके से फरार आरोपी
जैसे ही अधिकारियों ने फर्जीवाड़े की पुष्टि की, आरोपी नकदी और मशीन लेकर मौके से फरार हो गया। तलाशी के दौरान मशीन कवर से ०6और संदिग्ध टिकट बरामद किए गए।
किन रूट्स पर चल रहा था खेल?
प्रारंभिक जांच में जिन रूट्स पर फर्जी टिकट मिले, उनमें शामिल हैं:
अजमेर से बीकानेर
मेड़ता से बीकानेर
नागौर से बीकानेर
ये सभी लंबी दूरी के रूट्स हैं, जहां अधिक किराए के कारण सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
संगठित गिरोह की आशंका
रोडवेज प्रबंधन अब इस ‘बाहरी डिवाइस’ की जांच में जुटा है। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो बस कर्मचारियों को ऐसे उपकरण उपलब्ध करा रहा था।
FIR दर्ज, पुलिस जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए नोखा थाना में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
नागौर, बीकानेर और जयपुर में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और पूरे नेटवर्क को खंगालने का प्रयास जारी है।