रेजिडेंसी सोसायटी का बिल्डिंग का रजिस्ट्रेशन By-laws प्रमाणे सोसायटी के पदाधिकारियों को कार्य करना चाहिए
By Shubh Bhaskar ·
28 Mar 2026 ·
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रेजिडेंसी सोसायटी का बिल्डिंग का रजिस्ट्रेशन By-laws प्रमाणे सोसायटी के पदाधिकारियों को कार्य करना चाहिए
दैनिक शुभ भास्कर दिव्या सोहनलाल जोशी
महाराष्ट्र मुंबई : बोहिसर जिला पालघर: प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र राज्य के समस्त जिले में जितनी भी सोसायटियाँ रजिस्टर्ड हुई है उनमें से बहुत से सोसायटियों के सेक्रेटरी, कैशियर, चेयरमैन अपने पावर का दुरुपयोग करके मनमानी कारभार अर रहे है ऐसी शिकायत सहकार मंत्री तथा रजिष्ट्रार को प्राप्त हुआ है. ऐसा प्रावधान है कि किसी भी इमारत में 60% फ्लैट बिक चुका और उसमें खरीदार रहने के लिए आ गए तो बिल्डिंग के बिल्डर को उस सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करवा देना चाहिए. बिल्डर मर गया या भाग गया या कि फ्रॉड बिल्डर है सोसायटी रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रहा है तो ऐसी कंडिशन में बिल्डिंग के समस्त रहिवासी मिलकर खुद भी सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करवा सकते है.
तीन महीना या छह महीना आपकी सोसायटी प्रपोज्ड के अनुसार कार्य करेगी किन्तु इसके बाद आपकी बिल्डिंग का रजिस्ट्रेशन हो जाता है. रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद फ्लैट खरीदता व बेचता है या किसी भी तरह का कोई भी Change Of Name होता है तो इस बात की जानकारी सोसायटी पदाधिकारियों को देना अनिवार्य रहता है. जब सोसायटी सुचार रूप से चलने लगे तो सभी सभासदों को शेयर्स सर्टिफिकेट जारी कर देना चाहिए नियमानुसार जब सोसायटी का रजिस्ट्रेशन हो जाता है तो यह शेयर सर्टिफिकेट छह माह के अंदर किसी भी कंडीशन में दे देना चाहिए परन्तु किसी विशेष कारणवश दस वर्ष या बीस वर्ष भी लग गया तो चैन एग्रीमेंट जमा करने के बाद और शेयर सर्टिफिकेट बन जाने के बाद By-laws प्रमाणे एक माह के अंदर शेयर सर्टिफिकेट सभासदों को दे दिया जाना चाहिए. जो प्रथम ओनर है यानि जिन्होंने कि डायरेक्ट बिल्डर से खरीदा है उनके ही नाम शेयर सर्टिफिकेट जारी होगा और इसके बाद जितनी बार ट्रांसफर हुआ है उतनी बार ट्रांसफर फीस लेकर सोसायटी चैन एग्रीमेंट प्रमाणे शेयर सर्टिफिकेट में नाम परिवर्तन करती रहेगी किसी भी विवादित परिस्थिति में भी शेयर सर्टिफिकेट प्रथम ओनर को दिया जाना नितांत आवश्यक है. यदि सोसायटी ऐसा नहीं कर रही है तो सोसायटी मनमानी कारभार कर रही है ऐसा माना जाएगा