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वैश्विक युद्ध का असर नहीं लकड़ियों से चला रहे भंडारा

By Shubh Bhaskar · 27 Mar 2026 · 118 views
वैश्विक युद्ध का असर नहीं लकड़ियों से चला रहे भंडारा

दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान चित्तौड़गढ़ कैलाश चंद्र सेरसिया


वैश्विक स्तर पर अमेरिका, इजराइल व ईरान के बीच चल रहे युद्ध से पूरे विश्व में तनाव बना हुआ है। इसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस पर भी दिखाई दिया है। देश में गैस की टंकियों को लेकर खींचतान है। ऐसे में नवरात्र महोत्सव में जिले के दुर्ग स्थित बाण माता मंदिर में चलने वाले भंडारे पर भी संकट के बादल मंडराने लगे। लेकिन श्रद्धालुओं के समर्पण के चलते भंडारा बंद नहीं करना पड़ा। जहां दुर्ग पर भंडारा चलता है वहां एक परिसर में गड्ढे खोद कर मिट्टी की भट्टियां तैयार कर लकड़ियों जला कर भोजन यहां दुर्ग पर मेवाड़ राज परिवार की कुल देवी बाण माता का मंदिर है। इस मंदिर में बाण माताजी सेवा संस्थान की और से भंडारा चलाया जाता है। संस्थान के व्यवस्थापक मदन सिंह सिसोदिया ने बताया कि करीब 13 साल से संस्थान बाण माता मंदिर में भंडारा चल रहा है। हर वर्ष यहां नवरात्र में भारी भीड़ रहती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निरंतर भंडारा चलता है। नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं रहती है। सिसोदिया ने बताया कि इस बार नवरात्र महोत्सव से पहले गैस सिलेंडर की दिक्कत आई थी। ऐसे में जहां भंडारा चल रहा है उसके सामने की और खाली पड़े नोहरे में भोजन बनाने की व्यवस्थाएं की हैं। यहां गड्ढे खोद कर बड़े चूल्हे तैयार किए और बड़े कड़ाह में भोजन बन रहा है। यहां 13 साल से चल रहे भंडारे का क्रम नहीं टूटे इसके प्रयास किए हैं। यहां करीब 15 से 20 समर्पित सदस्य हैं जो पूरे मनो भाव से सेवा कार्य में जुटे हैं। भोजन में भी प्रतिदिन अलग-अलग व्यंजन बनाए जा रहे हैं। साथ ही भोजन बनाने और परोसने में करीब 50 जनों की टीम काम कर रही है।तैयार किया जा रहा है। प्रतिदिन यहां तीन से चार हजार लोगों का भोजन करवा रहे हैं। चित्तौड़गढ़ के अलावा मारवाड़ से करीब चार दर्जन लोगों की टीम इस व्यवस्था में लागू हुई है।


हर दिन आठ सिलेंडर जरूरत, तीन ट्रॉली मंगवाई लकड़ी

बाण माताजी सेवा संस्थान के व्यवस्थापक मदन सिंह सिसोदिया ने बताया कि तीन से चार हजार लोगों का खाना बनाने में प्रतिदिन आठ से दस गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन इस बार गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो पाई। अब तक तीन ट्रैक्टर ट्रॉली भर कर लकड़ी मंगवाई जा चुकी है। साथ ही आगामी दिनों में और भी लकड़ी मंगवानी पड़ेगी। इसका कारण है बाण माता मंदिर में सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। चित्तौड़गढ़ जिले के अलावा मारवाड़ एवं प्रदेश के अन्य जिलों से श्रद्धालु पहुंचेंगे। साथ ही भजन संध्याओं का आयोजन भी होना है। ऐसे में तीन दिन पांच से छह हजार लोगों तक का भोजन यहां बनेगा। ऐसे में संसाधनों की आवश्यकता ज्यादा रहेगी।

365 दिन चलता है भंडारा

चित्तौड़ दुर्ग स्थित बाण माता मंदिर में केवल नवरात्र महोत्सव ही नहीं वर्ष के 365 भंडारा चलता है। श्री बाण माताजी सेवा संस्थान प्रतिदिन यहां मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भंडारा चलाती है। करीब 13 साल से यह क्रम लगातार जारी है। इस बार भी गैस के संकट के बीच लकड़ियां मंगवा कर भंडारा चलाया जा रहा है।

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