मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं— *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
26 Mar 2026 ·
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मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं— *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर-सर्व समाज जागृति संघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने समस्त देशवासियों को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल नवमी को मनाया जाने वाला यह पावन पर्व इस वर्ष 26 मार्च 2026 को मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में हजारों वर्षों से श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र के रूप में भगवान राम का अवतार हुआ, जिन्होंने आगे चलकर आदर्श “राम राज्य” की स्थापना की। रामायण सहित अनेक ग्रंथों में वर्णित है कि त्रेता युग में जब राक्षस राजा रावण अधर्म और अत्याचार फैला रहा था, तब धर्म की रक्षा और बुराई के अंत के लिए भगवान राम ने अवतार लिया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि वैष्णव परंपरा में भगवान राम को सर्वोच्च आदर्श के रूप में पूजा जाता है। रामनवमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, मर्यादा और धर्म की स्थापना तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक है।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक युग की चुनौतियों के बीच भगवान राम के जीवन से अनेक प्रेरणाएं मिलती हैं। सत्य, धर्म और उच्च आदर्शों पर अडिग रहना, माता-पिता और बड़ों का सम्मान करना, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, करुणा और बंधुत्व जैसे गुण अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भगवान राम ने शबरी, केवट और हनुमान जैसे भक्तों को प्रेम और सम्मान देकर सामाजिक समानता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि धैर्य, क्षमा, विनम्रता, न्यायप्रियता और सच्ची मित्रता जैसे गुण हमें बेहतर इंसान बनने की राह दिखाते हैं। जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, सत्य, प्रेम और नैतिकता के मार्ग पर चलकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
अंत में उन्होंने अपील की कि रामनवमी के अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को राम रक्षा स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। यदि समय का अभाव हो तो इस मंत्र का स्मरण भी लाभकारी है—
"राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्रनाम तत् तुल्यं राम नाम वरानने॥"