होली की मिठाई और रमजान में खजूर नहीं, अब ईद मिलन में दिखे पूर्व प्रत्याशी हसीब खान! उतरौला में उठे सवाल—“चुनाव खत्म, तो जनता से दूरी क्यों?
By Shubh Bhaskar ·
24 Mar 2026 ·
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होली की मिठाई और रमजान में खजूर नहीं,
अब ईद मिलन में दिखे पूर्व प्रत्याशी हसीब खान!
उतरौला में उठे सवाल—“चुनाव खत्म, तो जनता से दूरी क्यों?”
उतरौला,
शुभ भास्कर सम्वाददाता संतोष कुमार
उत्तर प्रदेश बलरामपुर।
उतरौला विधानसभा क्षेत्र में इस बार सियासी गर्मी त्योहारों के बहाने बढ़ती नजर आ रही है। क्षेत्रवासियों में चर्चा है कि जहां एक तरफ होली पर मिठाई और रमजान में खजूर का इंतजाम नहीं किया गया, वहीं अब ईद के मौके पर बड़े स्तर पर ईद मिलन कार्यक्रम में शामिल होकर पूर्व प्रत्याशी हसीब खान सुर्खियों में हैं।
लोगों का आरोप है कि करोड़ों की संपत्ति और रसूख रखने वाले हसीब खान अब आम जनता से दूरी बनाकर बड़े-बड़े नेताओं और खास लोगों के साथ ही त्योहार मना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है—
"जब चुनाव था, तब हर घर की याद थी, अब गरीबों से क्या काम?"
ड्रीम हाउस शो रूम पर भव्य ईद मिलन
कल्याण फाटा स्थित "ड्रीम हाउस" शो रूम पर जनाब सिकंदर शाह और मुबारक शाह द्वारा ईद मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में हसीब खान भी पहुंचे और लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
हसीब खान ने अपने संबोधन में कहा कि
"ईद आपसी भाईचारे और एकता का त्योहार है, इसे सभी को मिलजुल कर मनाना चाहिए। देश में अमन-चैन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।"
जनता के मन में उठ रहे सवाल
हालांकि उनके इस बयान के बीच क्षेत्र में यह सवाल भी गूंज रहा है कि—
जब जरूरत थी, तब जनसंपर्क क्यों नहीं?
त्योहारों पर आम लोगों को नजरअंदाज क्यों किया गया?
क्या अब राजनीति सिर्फ मंचों और कार्यक्रमों तक सीमित रह गई है?
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये लोग
इस मौके पर मुबारक शाह, सिकंदर शाह, मुजफ्फर अली, सुहैल खान, समीर खान, महबूब शाह, खालिद खान, सुरेश कुमार, वासिम शाह, सनाउल्लाह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
निष्कर्ष
उतरौला की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि जमीनी जुड़ाव चाहती है। त्योहारों पर अनुपस्थिति और बाद में भव्य कार्यक्रमों में मौजूदगी—यह विरोधाभास आने वाले समय में सियासी समीकरण बदल सकता है।