अलवर वन विभाग में 18 करोड़ का घोटाला उजागर, जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा।
By Shubh Bhaskar ·
15 Mar 2026 ·
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अलवर वन विभाग में 18 करोड़ का घोटाला उजागर, जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय जयपुर की जांच में सामने आया मामला,फर्जी समितियों के जरिए निकाले गए सरकारी धन।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- राजस्थान के अलवर जिले में हरियाली बढ़ाने और पौधारोपण योजनाओं के नाम पर करीब 18 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। यह मामला वन विभाग की उच्चस्तरीय जांच में सामने आया है। जानकारी के अनुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय,जयपुर द्वारा कराई गई जांच में पाया गया कि सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए कई फर्जी ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समितियां बनाई गईं और उनके माध्यम से राशि निकाली गई।
जांच में दो डीएफओ सहित करीब 15 अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी गई है।
*2015 से 2025 तक चला गड़बड़ी का खेल*
जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015-16 से 2024-25 तक पौधारोपण और हरियाली विस्तार के नाम पर बड़ी राशि खर्च दर्शाई गई। विभागीय अभिलेखों में लगभग 560 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का दावा किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर पौधे लगाए ही नहीं गए या देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए।
फर्जी समितियों के जरिए निकाला गया पैसा
जांच में सामने आया कि कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों ने समितियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ‘सेल्फ चेक’ के माध्यम से सरकारी राशि आहरित की। कई मामलों में कार्य स्थल पर कार्य अधूरा या केवल कागजों में ही पूरा दिखाया गया।
*300 पेज की विस्तृत जांच रिपोर्ट*
पूरे प्रकरण की जांच के बाद करीब 300 पृष्ठों की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्यवाही की सिफारिश की गई है।
*किन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध*
रिपोर्ट में तत्कालीन अलवर डीएफओ, उपवन संरक्षक, राजगढ़ क्षेत्र के वन अधिकारी तथा कुछ प्रभारी वनपालों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।
*कार्यवाही की तैयारी*
सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय स्तर पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसमें निलंबन, विभागीय जांच, रिकवरी और आवश्यक होने पर कानूनी कार्यवाही भी शामिल हो सकती है।
*महत्वपूर्ण बिंदु*
*पौधारोपण योजनाओं में 18 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
** दो डीएफओ सहित लगभग 15 लोग जांच के घेरे में
** फर्जी समितियों के नाम पर सेल्फ चेक से निकाली गई राशि
**560 हेक्टेयर पौधारोपण का दावा, लेकिन जमीनी स्थिति संदिग्ध
**300 पेज की जांच रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का खुलासा
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस कथित घोटाले की राशि सरकार वापस वसूल कर पाएगी और दोषियों पर कितनी सख्त कार्यवाही होगी।