अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश — *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
09 Mar 2026 ·
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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश — *डॉ. सुरेश चंद शर्मा*
नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सर्व समाज जागृति संघ (रजि) के संस्थापक अध्यक्ष व बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने विश्व की सभी महिलाओं को बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नारी के बिना पुरुष अधूरा है और नारी से ही घर-परिवार पूर्ण होता है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि हर वर्ष ०8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने का दिन है। इस अवसर पर महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक,सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाता है तथा उन्हें यह एहसास कराया जाता है कि वे समाज के लिए कितनी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज महिला केवल मां, बेटी और पत्नी की भूमिका तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज की रीढ़ की हड्डी बन चुकी है। आज की महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदान तक और घर की चौखट से लेकर व्यापार व राजनीति की दुनिया तक हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम अधिकार और न्याय के साथ हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्यवाही पर केंद्रित है। दुनिया भर में चल रहा “गिव टू गेन” अभियान भी जेंडर इक्वलिटी के लिए सहयोग और उदारता के महत्व को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद हुए निरंतर सुधारों से महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और अवसर मिले हैं। आज महिलाएं स्वावलंबी और स्वतंत्र बन रही हैं, जिसके कारण अब यह कहा जाने लगा है कि भारतीय महिलाओं की सीमाएं आकाश की तरह अनंत हो गई हैं। महिलाएं सेना, नौसेना और वायुसेना सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
डॉ. शर्मा ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण से ही राष्ट्र की उन्नति संभव है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आज भी कई स्थानों पर महिलाओं को लैंगिक असमानता और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कन्या भ्रूण हत्या के मामले सामने आते हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराध भी बढ़ रहे हैं। कई परिवारों में महिलाओं को निर्णय लेने का अधिकार और स्वतंत्रता अभी भी पूरी तरह नहीं मिल पाई है।
अंत में डॉ. शर्मा ने सभी समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए संकल्प लें और समाज में समानता, सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से घर में नारी पूजनीय होती है। इस तरह गौ माता भी पूजनीय होती है। इसलिए हर व्यक्ति को नारी और गौ माता सम्मान करना चाहिए।