कोटा का 'सिग्नल फ्री' झूठ, सिटी पार्क के बाहर सड़कों पर 'मौत का तांडव'!
By Shubh Bhaskar ·
09 Mar 2026 ·
46 views
दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
कोटा का 'सिग्नल फ्री' झूठ, सिटी पार्क के बाहर सड़कों पर 'मौत का तांडव'!
कोटा | क्या प्रशासन किसी लाश के उठने का इंतज़ार कर रहा है? यह सवाल आज राजीव गांधी नगर और इंदिरा विहार का हर नागरिक पूछ रहा है। शहर के सबसे महंगे प्रोजेक्ट 'सिटी पार्क' की दीवार के ठीक बाहर की सड़क अब 'नरक का प्रवेश द्वार' बन चुकी है। यहाँ विकास की गंगा नहीं, बल्कि लापरवाही के गड्ढे बह रहे हैं, जिनमें गिरकर हर रोज दर्जनों राहगीर और मासूम छात्र लहूलुहान हो रहे हैं।
'स्मार्ट सिटी' का सबसे गंदा चेहरा
एक तरफ सरकार कहती है कि कोटा बदल रहा है, दूसरी तरफ इसी पार्क के पास की सड़क अपनी बदहाली पर रो रही है। रोजाना यहाँ से कोचिंग जाने वाले सैकड़ों छात्र अपनी किस्मत को कोसते हैं। पत्थरों और गहरी खाइयों में तब्दील हो चुकी इस सड़क पर बाइक सवारों का गिरना अब 'नॉर्मल' बात हो गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन केवल 'दिखावे की पेंटिंग' में व्यस्त है, जबकि जमीनी हकीकत जानलेवा है।
अधिकारियों की चुप्पी: भ्रष्टाचार या लापरवाही?
महीनों से लोग चिल्ला रहे हैं, शिकायतें धूल फांक रही हैं, लेकिन नगर निगम और यूआईटी के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। क्या करोड़ों का टैक्स देने वाली जनता इसी बदहाली की हकदार है? भारी धूल और उखड़ी गिट्टियों के कारण यह रास्ता अब दमे के मरीजों और बुजुर्गों के लिए भी आफत बन गया है।