अटूट आस्था: 20 साल बाद भांजी के रूप में गूंजी किलकारी, मामा ने पेट के बल लेटकर पूरी की मन्नत
By Shubh Bhaskar ·
06 Mar 2026 ·
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अटूट आस्था: 20 साल बाद भांजी के रूप में गूंजी किलकारी, मामा ने पेट के बल लेटकर पूरी की मन्नत
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
कोटडी-कोटड़ी श्री चारभुजा नाथ मंदिर में श्रद्धा और विश्वास का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। बोरखेड़ा निवासी भंवर गुर्जर ने अपनी बहन के घर संतान सुख की कामना को लेकर जो कठिन मन्नत मांगी थी, उसे पूरा करने के लिए वे कनक दंडवत करते हुए भगवान के दरबार पहुंचे।
एक साल पहले मांगी थी मन्नत
भंवर गुर्जर ने बताया कि उनकी बहन पार्वती की शादी को 20 वर्ष बीत चुके थे। बहन के सूने आंगन को देखकर भंवर का मन अत्यंत दुखी रहता था। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने भगवान श्री चारभुजा नाथ के चरणों में हाथ जोड़कर यह अर्जी लगाई थी कि यदि उनकी बहन को संतान की प्राप्ति होती है, तो वे दंडवत करते हुए मंदिर दर्शन के लिए आएंगे।
20 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
भगवान की कृपा और अटूट आस्था का ही फल रहा कि 20 साल बाद पार्वती को पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई। भंवर गुर्जर ने भावुक होते हुए कहा, "यह सब श्री चारभुजा नाथ की असीम अनुकंपा है कि मुझे मामा बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। ठाकुर जी ने मेरी पुकार सुन ली।"
गांव से मंदिर तक का कठिन सफर
बोरखेड़ा से शुरू हुई इस कठिन यात्रा के दौरान भंवर गुर्जर के साथ उनके परिजन और ग्रामीण भी मौजूद रहे। भीषण गर्मी और तपती सड़क की परवाह किए बिना, मन्नत पूरी होने की खुशी में भंवर ने पेट के बल लेटकर मंदिर तक का सफर तय किया। रास्ते में ग्रामीणों ने भी भंवर की इस अटूट भक्ति की सराहना की। श्री चारभुजा नाथ मंदिर पहुँचकर उन्होंने धोक लगाई और भांजी व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।