प्रशासनिक लापरवाही: अस्पताल का नाम बदला पर जन्म प्रमाण पत्र में 'पुराना खेल' जारी, अधर में बच्चों का आधार
By Shubh Bhaskar ·
23 Feb 2026 ·
11 views
प्रशासनिक लापरवाही: अस्पताल का नाम बदला पर जन्म प्रमाण पत्र में 'पुराना खेल' जारी, अधर में बच्चों का आधार
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-सरकारी सिस्टम की छोटी सी चूक जनता के लिए कितनी बड़ी मुसीबत बन सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण शाहपुरा जिला अस्पताल द्वारा जारी किए जा रहे जन्म प्रमाण पत्रों में देखने को मिल रहा है। अस्पताल का नाम बदलने के बाद 'रजिस्ट्रार' कॉलम में तो नया नाम अपडेट कर दिया गया है, लेकिन 'जन्म स्थान' के कॉलम में आज भी पुराना नाम ही दर्ज किया जा रहा है। इस तकनीकी विसंगति के कारण नवजातों के आधार कार्ड रिजेक्ट हो रहे हैं और अभिभावक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
एक ही दस्तावेज, दो अलग नाम
हैरानी की बात यह है कि एक ही प्रमाण पत्र में दो अलग-अलग नाम दर्ज हैं। जहाँ रजिस्ट्रार की मुहर और विवरण में "राजकीय जिला चिकित्सालय, शाहपुरा" अंकित है, वहीं ठीक बगल में जन्म स्थान वाले कॉलम में "राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय, शाहपुरा" लिखा आ रहा है। आधार नामांकन केंद्र के सॉफ्टवेयर इस अंतर को 'डाटा मिसमैच' मानकर आवेदन निरस्त कर रहे हैं।
अभिभावकों की बढ़ी मुश्किलें
पीड़ित अभिभावकों का कहना है कि जब अस्पताल का दर्जा बदल चुका है और नाम संशोधित हो गया है, तो जन्म स्थान के कॉलम में पुराना नाम क्यों रहने दिया गया है?
"एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और सुशासन की बात करती है, दूसरी तरफ विभाग की एक छोटी सी लापरवाही बच्चों के पहचान पत्र (आधार) बनने में रोड़ा अटका रही है। हमें बार-बार अस्पताल और ई-मित्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।" - एक पीड़ित अभिभावक
अधिकारी मौन, जनता परेशान
इस मामले में सुधार की मांग को लेकर कई बार मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन पोर्टल पर डाटा अपडेट न होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। सवाल यह है कि इस विसंगति को ठीक करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या विभाग को बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं है?