गौ पुत्र वैभव कुमार ने जीवन किया गौ माता को समर्पित।
By Shubh Bhaskar ·
22 Feb 2026 ·
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गौ पुत्र वैभव कुमार ने जीवन किया गौ माता को समर्पित।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- मध्यप्रदेश- ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन द्वारा देशभर में गौ माता एवं सनातन धर्म की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के रीवा जिले के कोटवा खास डभौरा निवासी गौ पुत्र वैभव कुमार केसरवानी का नाम सेवा और समर्पण की मिसाल बनकर उभरा है।
गरीब वैश्य परिवार में जन्मे वैभव कुमार केसरवानी, स्वर्गीय छकौड़ी लाल केसरवानी के पुत्र हैं। उनके पूज्य पिता ने जीवनभर जरूरतमंदों, बेसहारा एवं दिव्यांग जनों की सेवा करते हुए समाज के दबे-कुचलों की आवाज बुलंद की। कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करते हुए भी उन्होंने समाज सेवा का मिशन कभी नहीं छोड़ा। अपने अंतिम समय में भी उन्होंने यही संकल्प लिया कि सेवा का यह कार्य निरंतर चलता रहे।
पिता के बताए मार्ग पर चलते हुए वैभव कुमार ने बचपन से ही समाज सेवा को अपना लक्ष्य बना लिया। उन्होंने गांव समाज में सरपंच सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया तथा जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण कई बार जेल यात्रा भी की। दिव्यांगों, बेसहारों और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा हेतु स्वयं के खर्च पर सहयोग करना, नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाना,शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण जैसे कार्यों में वे निरंतर सक्रिय रहे हैं।
गौ सेवा के क्षेत्र में भी वैभव कुमार अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। विभिन्न गांवों में गौ माता के लिए चारा,दवाई और इलाज की व्यवस्था करवाना उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस पुनीत कार्य में उनके पूरे परिवार का सहयोग रहता है,विशेष रूप से उनकी धर्मपत्नी का,जो स्वयं सिलाई कर अपनी मेहनत की कमाई से गौ सेवा और जरूरतमंदों की सहायता में योगदान देती हैं।
निस्वार्थ भाव से वर्षों से सेवा कार्य करने के कारण उन्हें समय-समय पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों—तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर,एसपी सहित राज्य स्तर के नेतृत्व द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है। बिना किसी पद,प्रतिष्ठा या संस्था के सहारे उन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के गौ पुत्र वैभव कुमार केसरवानी का एक ही सपना है—“कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।” गुरु स्वामी गौ पुत्र धर्म दास महाराज के मार्गदर्शन में वे गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के संकल्प को भी आगे बढ़ा रहे हैं।
गौ सेवा,मानव सेवा और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है।