अलवर में गुटखा-सुपारी की कालाबाजारी, प्रिंट रेट से अधिक वसूली का आरोप।
By Shubh Bhaskar ·
21 Feb 2026 ·
131 views
अलवर में गुटखा-सुपारी की कालाबाजारी, प्रिंट रेट से अधिक वसूली का आरोप।
(माचाड़ीअलवर):- अलवर-
राज्य बजट घोषणा के बाद शहर में गुटखा, सुपारी और सिगरेट की खुलेआम कालाबाजारी होने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं का कहना है कि थोक विक्रेता और सेल्समेन अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा कीमत वसूल कर छोटे दुकानदारों को माल दे रहे हैं, जिसके चलते खुदरा बाजार में भी उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि ‘विमल’ गुटखा, जिस पर 10 रुपये प्रिंट रेट अंकित है, वह बाजार में 15 रुपये तक बेचा जा रहा है। इसी प्रकार ‘मामा गुटखा’, ‘मामा सुपारी’ और ‘मामा जर्दा’ जैसे उत्पादों की खुदरा कीमत भी प्रिंट रेट से अधिक वसूली जा रही है। आरोप है कि कुछ स्थानों पर 2 रुपये और 1.25 रुपये प्रिंट रेट वाले उत्पादों को ०5 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि उन्हें थोक स्तर पर ही बढ़ी हुई दरों पर माल मिल रहा है, जिसके कारण वे मजबूरी में अधिक कीमत पर बिक्री कर रहे हैं। उपभोक्ताओं ने इसे सीधी कालाबाजारी बताते हुए प्रशासन से जांच और सख्त कार्यवाही की मांग की है।
शहरवासियों व ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई है,लेकिन प्रशासन जानकार होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।बजट के बाद आवश्यक वस्तुओं और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी को लेकर आमजन में रोष व्याप्त है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर कार्यवाही करता है और आम उपभोक्ताओं को राहत दिलाता है।