पीपल्दा में ‘सरकारी बेरुखी’ की बाढ़: गरीबों ने घर के लिए गहने बेचे, अब दूसरी किश्त के लिए काट रहे दफ्तरों के चक्कर!
By Shubh Bhaskar ·
20 Feb 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
पीपल्दा में ‘सरकारी बेरुखी’ की बाढ़: गरीबों ने घर के लिए गहने बेचे, अब दूसरी किश्त के लिए काट रहे दफ्तरों के चक्कर!
विधायक चेतन पटेल कोलाना ने विधानसभा में उठाई दहाड़; बोले- "बाढ़ पीड़ितों के साथ अत्याचार बंद करे सरकार, तुरंत जारी हो रुका हुआ पैसा।"
कोटा ग्रामीण पीपल्दा। साल 2021 की उस खौफनाक अतिवृष्टि को पीपल्दा के लोग शायद ही भूल पाएं, जिसने सैकड़ों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया था। लेकिन आज, तीन साल बाद भी इन पीड़ितों की त्रासदी खत्म नहीं हुई है। पहले कुदरत ने घर उजाड़ा, और अब 'सिस्टम' की सुस्ती इनके सपनों पर पानी फेर रही है।
पीपल्दा विधायक चेतन पटेल कोलाना ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधानसभा प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर सीधे सवाल दागे हैं। मामला प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की दूसरी किश्त के रुकने का है।
साहूकारों के जाल में फंसे गरीब:
विधायक कोलाना ने पत्र में बताया कि सदन में मामला उठने के बाद सरकार ने मकान तो स्वीकृत किए, लेकिन सिर्फ पहली किश्त देकर पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों ने इस उम्मीद में कि सरकार पैसा देगी, अपनी जमा-पूंजी लगा दी और ऊंचे ब्याज पर साहूकारों से कर्ज लेकर मकान का ढांचा (दूसरी किश्त के स्तर तक) खड़ा कर दिया। अब आलम यह है कि मकान अधूरा पड़ा है और ब्याज का मीटर दौड़ रहा है।
विधायक की दो-टूक: "यह अत्याचार बर्दाश्त नहीं"
विधायक ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि नियमों के अनुसार काम पूरा होने के बावजूद भुगतान रोकना गरीबों के साथ सरासर अत्याचार है। उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्री से मांग की है कि पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के सभी पात्र लाभार्थियों की दूसरी किश्त अविलंब उनके खातों में डाली जाए।
क्षेत्र में बढ़ रहा है भारी आक्रोश:
सरकारी कछुआ चाल से न केवल बाढ़ पीड़ित बल्कि अन्य PMAY लाभार्थी भी त्रस्त हैं। विधायक ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो जनता के इस आक्रोश को संभालना सरकार के लिए मुश्किल होगा।
बॉक्स :-विधायक का कड़ा रुख
"सरकार ने वादा किया था कि पीड़ितों को छत मिलेगी, लेकिन आज वो छत आधी-अधूरी है और कर्ज का बोझ पहाड़ जैसा। हम गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे।"
— चेतन पटेल कोलाना (विधायक, पीपल्दा)।