चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अनाधिकृत निर्माण कार्य पर एफआईआर दर्ज*
By Shubh Bhaskar ·
10 Jun 2026 ·
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*चित्तौड़गढ़ दुर्ग में अनाधिकृत निर्माण कार्य पर एफआईआर दर्ज*
चित्तौड़गढ़, 10 जून 2026। यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर एवं भारत सरकार द्वारा संरक्षित चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में बिना अनुमति कराए जा रहे निर्माण कार्य के मामले में कोतवाली चित्तौड़गढ़ पुलिस ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, उप मण्डल चित्तौड़गढ़ के संरक्षण सहायक प्रेमचन्द शर्मा द्वारा पुलिस थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार चित्तौड़गढ़ दुर्ग यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल होने के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक है। दुर्ग की प्राचीर के भीतर का सम्पूर्ण क्षेत्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित क्षेत्र घोषित है, जहां केन्द्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत अथवा अन्य गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
युवराजादित्य सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी प्रतापनगर, चित्तौड़गढ़ द्वारा दुर्ग स्थित रत्न सिंह महल के सामने बिना सक्षम अनुमति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों द्वारा पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी पाए जाने पर थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 19(1) एवं 30(ए) तथा धारा 329(3) बीएनएस 2023 के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया है।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण संबंधी गतिविधियों के विरुद्ध पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी विशेष अभियान जारी रखा जाएगा। संरक्षित क्षेत्र का सर्वेक्षण कराकर नियमों के विपरीत पाए जाने वाले अवैध निर्माणों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"