बिरला का 'मिशन सेफ कोटा': अब सड़कों पर मनमर्जी नहीं, अनुशासन चलेगा; नियम तोड़ा तो सीधे लाइसेंस पर गिरेगी गाज!
By Shubh Bhaskar ·
18 Feb 2026 ·
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दैनिक शुभ भास्कर
संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया
बिरला का 'मिशन सेफ कोटा': अब सड़कों पर मनमर्जी नहीं, अनुशासन चलेगा; नियम तोड़ा तो सीधे लाइसेंस पर गिरेगी गाज!
स्मार्ट सिटी से 'सेफ सिटी' का सफर: लोकसभा अध्यक्ष ने खींची कोटा के ट्रैफिक सुधार की 'लक्ष्मण रेखा'
जाम और हादसों से मुक्ति का मास्टरप्लान: कोटा की सड़कों पर अब 'जीरो टॉलरेंस', रसूख नहीं नियम तय करेंगे रफ्तार!
कोटा शहर में अब केवल अपनी कोचिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षित सड़कों और अनुशासित यातायात के लिए भी जाना जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ते हादसों पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए अधिकारियों को 'जीरो टॉलरेंस' का अल्टीमेटम दिया है। सोमवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में बिरला ने साफ कहा—
"फ्लाईओवर और चौड़ी सड़कें तब तक बेकार हैं, जब तक उन पर चलता नागरिक सुरक्षित नहीं है।"
रसूखदारों की खैर नहीं, लाइसेंस होंगे सस्पेंड
अक्सर देखा जाता है कि रसूख के दम पर लोग ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। बिरला ने पुलिस और परिवहन विभाग को 'फ्री हैंड' देते हुए निर्देश दिए कि शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk & Drive), ओवरस्पीडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कोई समझौता न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किए जाएं और गाड़ियां जब्त की जाएं। कानून का खौफ ऐसा हो कि अनुशासन सड़कों पर नजर आए।
जाम के 'विलेन' चौराहों का होगा इलाज
बिरला ने शहर के उन जख्मों की पहचान की है जहाँ जनता रोज जाम में पिसती है। केशवपुरा, कॉमर्स कॉलेज, अनंतपुरा, कोटड़ी और रायपुरा जैसे 'चोक पॉइंट्स' के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रेमनगर पुलिया से डीसीएम तक की सड़क और घोड़ा सर्किल के ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर अधिकारियों को वैज्ञानिक नजरिया अपनाने को कहा गया है।
अधिकारियों को 'अल्टीमेटम': चालान नहीं, समाधान चाहिए
बिरला ने अफसरों को आईना दिखाते हुए कहा कि विभाग का काम केवल चालान की रसीदें काटना नहीं, बल्कि जनता को जाममुक्त और सुरक्षित सफर देना है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, केडीए और नगर निगम को निर्देश दिए कि:
सड़कों का वैज्ञानिक सर्वे कर ब्लैक स्पॉट्स खत्म करें।
हाईमास्ट लाइट, रम्बल स्ट्रिप्स और स्पष्ट रोड मार्किंग का काम समय पर पूरा हो।
डिवाइडर की मरम्मत और जंक्शन सुधार में कोई कोताही न बरती जाए।
बिरला के कड़े बोल:
"हम 140 करोड़ देशवासियों के प्रतिनिधि हैं। हमारा पहला दायित्व जान बचाना है। कोटा को स्मार्ट के साथ-साथ 'सेफ सिटी' बनाना मेरा संकल्प है।"