कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन का कठोर प्रहार, 9 अभियुक्त को किया जिला बदर
By Shubh Bhaskar ·
23 Jan 2026 ·
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कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन का कठोर प्रहार, 9 अभियुक्त को किया जिला बदर
दैनिक शुभ भास्कर नीरज प्रजापति उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड उरई जालौन
जनपद में सार्वजनिक शांति, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा आदतन अपराधियों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए 09 नामी अभियुक्तों को जिला बदर किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधी खेमे में हड़कंप मच गया है, जबकि आमजन ने राहत की सांस ली है।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पारित आदेश के क्रम में जिन अभियुक्तों को जनपद की सीमाओं से बाहर किया गया है, उनमें रहीस अहमद पुत्र शाहिद निवासी इस्लामाबाद तथा आसिफ उर्फ बबलू पुत्र अल्लाह रखू निवासी इस्लामाबाद ,महेंद्र सिंह पुत्र पन्नालाल राजपूत निवासी बंधौली, संजय मिश्रा पुत्र रामसनेही मिश्रा निवासी उकासा, ज्ञान सिंह राजपूत पुत्र गोपीचरण निवासी इंदिरा नगर, पवन कुमार उर्फ वीरू पुत्र शिव कुमार निवासी निचावड़ी, सोनू पुत्र बैजनाथ निवासी निचावड़ी, रणवेंद्र सिंह उर्फ सोनू उर्फ राजू पुत्र रामप्रकाश निवासी सिरसा दोगड़ी, अजय कुमार उर्फ अजय यादव पुत्र सूरज प्रसाद यादव निवासी रूरा अड्डू, शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार उक्त सभी अभियुक्तों के विरुद्ध मारपीट, धमकी, शांति भंग, अवैध गतिविधियों, महिलाओं से अभद्रता और क्षेत्र में भय का माहौल बनाने जैसी लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इनकी गतिविधियों से जनपद की कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, जिसे देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई को आवश्यक माना गया।
कदौरा क्षेत्र के रहीस अहमद पर विशेष कार्रवाई
इस कार्रवाई में कदौरा क्षेत्र निवासी रहीस अहमद पर प्रशासन ने विशेष सख्ती दिखाई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रहीस अहमद के खिलाफ पहले से दो गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी, जातिगत अपमान, गंभीर चोट और शांति भंग जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। साथ ही, पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने और विवादित गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप भी जांच में सामने आए हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों और पुलिस जांच में आरोपी की भूमिका अत्यंत आपत्तिजनक पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला बदर का प्रस्ताव भेजा गया, जिस पर अपर जिलाधिकारी ने 28 सितंबर 2025 को आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार 20 नवंबर से रहीस अहमद को तीन माह के लिए जालौन जिले से बाहर रहना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला बदर की कार्रवाई होते ही संबंधित क्षेत्रों में राहत का माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब वे भयमुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकेंगे।
जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि दबंगई, अपराध और अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपराध करने वालों के लिए जनपद में कोई स्थान नहीं है—अपराध किया तो जिले से बाहर होना तय है।