यूजीसी का नया कानून सवर्ण छात्रों को शिक्षा से दूर करने का षड्यंत्र – *पं. चतुर्वेदी*
By Shubh Bhaskar ·
21 Jan 2026 ·
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यूजीसी का नया कानून सवर्ण छात्रों को शिक्षा से दूर करने का षड्यंत्र – *पं. चतुर्वेदी*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-नई दिल्ली-
देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में 13 जनवरी 2026 से केंद्र सरकार के निर्देशन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू किए गए “प्रमोशन ऑफ इक्वलिटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशन एक्ट 2026” को लेकर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष *पंडित सुरेंद्र चतुर्वेदी* एवं महामंत्री *पंडित तरुण उपाध्याय* ने एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए इसे सवर्ण समाज के छात्रों को शिक्षा से दूर करने का दूरगामी षड्यंत्र बताया है।
*पं. चतुर्वेदी* ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारत की संसदीय समिति एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में भ्रामक और फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर इस रिपोर्ट को लागू कराया है, जबकि वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने बताया कि देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग ०4 करोड़ 38 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वर्ष 2023-24 में केवल 378 भेदभाव संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं, जो कुल विद्यार्थियों के अनुपात में मात्र 0.00086 प्रतिशत है। अर्थात् एक लाख छात्रों में भी एक छात्र ने शिकायत दर्ज नहीं कराई।
उन्होंने कहा कि जब स्थिति इतनी सामान्य है, तब इस प्रकार के कठोर कानून को लागू करना सवर्ण समाज के छात्रों को मानसिक रूप से दबाने और उन्हें शिक्षा से वंचित करने की साजिश है। यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया, तो संपूर्ण ब्राह्मण समाज देशभर के सवर्ण समाज के छात्रों के साथ मिलकर इसका तीव्र विरोध करेगा और राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेशों एवं देशभर में प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद प्रदर्शन, सम्मेलन एवं जन-जागरण के बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक समाज की नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता और न्याय की रक्षा की लड़ाई राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को यह जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा दी गई।