साधु-संतों के अपमान पर संत समाज में रोष, सरकार को चेतावनी।
By Shubh Bhaskar ·
21 Jan 2026 ·
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साधु-संतों के अपमान पर संत समाज में रोष, सरकार को चेतावनी।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- मध्यप्रदेश- प्रयागराज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज जी के साथ हुए कथित अपमान की घटना को लेकर देशभर के संत समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना को लेकर संतों ने इसे केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण संत समाज और सनातन परंपरा के सम्मान पर आघात बताया है।
ब्रजवासी गौ रक्षक सेवा संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एवं मध्य प्रदेश अध्यक्ष सज्जन तिवारी ने इस विषय पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जो सरकार साधु-संतों पर अत्याचार, जगद्गुरुओं का अपमान और गौ माता की हत्या को संरक्षण देती है, उसका विनाश लगभग तय माना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में हुई यह घटना सनातन परंपरा और संत समाज के प्रति असहिष्णुता को दर्शाती है। संत समाज सदैव राष्ट्र, संस्कृति और समाज का मार्गदर्शन करता आया है, ऐसे में उनका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
सज्जन तिवारी ने बताया कि उनके नेतृत्व में पिछले एक माह से निरंतर “सनातन हिन्दू जोड़ो भारत संकल्प” 4000 किलोमीटर साइकिल यात्रा चल रही है। इस यात्रा के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता बनाने, भारतीय संस्कृति की रक्षा, संत समाज की सुरक्षा तथा हिन्दू राष्ट्र के विचार के प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। यात्रा के दौरान देशभर में सनातन चेतना को जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जो सरकार गौ माता की रक्षा नहीं कर सकती, गौ हत्या को रोकने में विफल है और संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है, ऐसी सरकारों का भविष्य अधिक दिनों तक स्थिर नहीं रहता जैसे कांग्रेस का नहीं रहा। समय और सत्ता सदा परिवर्तनशील होती है तथा अधर्म करने वालों का पतन निश्चित होता है।
सज्जन तिवारी ने कहा कि यह भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की पावन भूमि है, मां गंगा की धरती है और संत समाज की तपोस्थली है। इस भूमि पर अधर्म, अन्याय और संतों के अपमान को कभी स्वीकार नहीं किया गया। इतिहास साक्षी है कि जिन्होंने भी धर्म और संतों का अपमान किया, उनका अंत निश्चित हुआ। जिस तरह से गांधी परिवार का हुआ।
उन्होंने मांग की कि प्रयागराज की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो तथा संत समाज और गौ माता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि सनातन संस्कृति की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।