मोदी सरकार के विरोध में 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल।
By Shubh Bhaskar ·
16 Jan 2026 ·
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मोदी सरकार के विरोध में 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) अलवर ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मोदी सरकार की श्रमिक एवं किसान विरोधी नीतियों के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों द्वारा 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों से जुड़े 29 कानूनों को समाप्त कर ०4 श्रम संहिताएं लागू की हैं, जिससे मजदूरों को गुलाम जैसी स्थिति में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं कारखाना मालिकों को अनेक दंडात्मक कानूनों में रियायतें दी गई हैं। सभी ट्रेड यूनियनें लगातार संघर्ष के माध्यम से इन नीतियों को वापस लेने की मांग करती आ रही हैं।
एटक ने बताया कि प्रदेश सरकारों द्वारा भी कारखाना अधिनियम 1948 में संशोधन कर श्रमिकों के कार्य घंटे ०8 के स्थान पर 12 घंटे कर दिए गए हैं। साथ ही महिलाओं को रात्रि पारी में ड्यूटी देने की अनुमति भी दे दी गई है, जो श्रमिक हितों के विपरीत है।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि हाल ही में मोदी सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदलते हुए उसमें अनेक नए प्रावधान जोड़ दिए हैं, जिससे इस कानून का मूल स्वरूप ही बदल गया है। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि श्रमिकों से रोजगार छीना जा रहा है।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ०9 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का निर्णय लिया गया। उधर किसान संयुक्त मोर्चा द्वारा भी अपनी मांगों को लेकर इसी दिन राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करने का फैसला किया गया है।
एटक अलवर ने बताया कि सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर हड़ताल की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एटक ने संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों, कर्मचारियों एवं मोदी सरकार की नीतियों से त्रस्त वर्गों से अपील की है कि वे 12 फरवरी को प्रदर्शन, धरना एवं ज्ञापन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएं और इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाएं। जिला यूनियन के मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को यह जानकारी जिला एटक के महासचिव तेजपाल सैनी द्वारा दी गई