मॉडल स्कूल में स्वामी विवेकानंद जयंती हर्षोल्लास से मनाई
By Shubh Bhaskar ·
12 Jan 2026 ·
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मॉडल स्कूल में स्वामी विवेकानंद जयंती हर्षोल्लास से मनाई
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-युग दृष्टा स्वामी विवेकानंद की 163 वीं जयंती स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय शाहपुरा के प्रांगण में तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वाधान में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।जिसकी थीम "स्वयं को प्रज्वलित करें दुनिया को प्रभावित करें"। विद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने बताया कि विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एडीजे कोर्ट के अधिवक्ताओं ने स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। अभिभाषक संस्था शाहपुरा के अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श, उनके गुण व उनके संदेश को जीवन में आत्मसात करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे तभी हमारे जीवन का सही निर्माण हो सकेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के पूर्व अध्यक्ष राम प्रसाद जाट ने कहा कि बच्चे बैग में कॉपी, किताब और पेन लेकर नहीं आते हैं अपितु अपने माता-पिता के सपने लेकर आते हैं। संस्था के पूर्व अध्यक्ष दीपक पारीक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा है कि जिस व्यक्ति ने बहुत कम उम्र में भारत का डंका विश्व मंच पर बजा दिया हो आज ऐसे विचारों की ताकत रखने वाले युवाओं की आवश्यकता है। अपर लोक अभियोजन हितेश शर्मा ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा की आपके भीतर छिपी क्षमता को गुरु ही बाहर निकल सकता है। नरेंद्र में छिपी हुई अपार क्षमताओं को जब रामकृष्ण परमहंस बाहर निकालते हैं तो वह विवेकानंद बन जाते हैं। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष पवन कुमार बांगड़ ने विद्यार्थियों में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि विवेकानंद जी के सपनों का युवा तेजस्वी हो, शरीर में शक्ति हो, मन में उत्साह हो, बुद्धि में विवेक हो, हृदय में करुणा हो और जीवन में अनुशासन हो । ऐसा व्यक्ति ही इस राष्ट्र का निर्माण करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है । तालुका विधिक सेवा समिति के अधिवक्ताओं का विद्यालय परिवार की ओर से उपर्णा पहनाकर अभिनंदन किया गया । विद्यालय के प्राचार्य ईश्वर लाल मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विवेकानंद व्यक्ति नहीं एक विचार है। जो निरंतर राष्ट्र को नई ऊर्जा देते हैं। पैनल अधिवक्ता मोहम्मद शरीफ ने लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें न कोई जीतता है और न कोई हारता है। दोनों पक्षों में एक समझौता करवाया जाता है तथा यह व्यवस्था निःशुल्क रहती है। वही अभिभाषण संस्था के उपाध्यक्ष अंकित शर्मा ने कहा कि नशा किसी भी प्रकार का हो वह शरीर ही नहीं मन और मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है। उन्होंने इस अवसर पर "नशे पते से दूर रहो, क्यों पीकर इतराते हो" कविता सुनकर विद्यार्थियों को नशा मुक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉक्टर परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने स्वामी जी के विभिन्न प्रसंगों के द्वारा उनके महान विचारों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया नमित जैन ने स्वामी विवेकानंद जी का जीवन परिचय दिया। भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद प्रतियोगिता में चारवी बारहठ, नमित जैन व शुभम मीणा ने भाग लिया।कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन व्याख्याता राजेश धाकड़ ने किया।