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वर्धमान महावीर खुला विवि में चार भवनों के निर्माण को मंजूरी, ज्ञान परंपरा केन्द्र से युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जोड़ने का विवि का नवाचार

By Shubh Bhaskar · 19 Dec 2025 · 10 views
वर्धमान महावीर खुला विवि में चार भवनों के निर्माण को मंजूरी, ज्ञान परंपरा केन्द्र से युवाओं को सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जोड़ने का विवि का नवाचार

ज्ञान परंपरा केन्द्र से भारत समृद्ध सांस्कृतिक विरासत होगी संरक्षित: प्रो.बीएल वर्मा, कुलगुरू

सुनील कुमार मिश्रा दैनिक शुभ भास्कर राजस्थान कोटा।वर्धमान महावीर खुला विवि वीएमओयू के आयोजना मंडल की 19वीं बैठक शुक्रवार 19 दिसंबर को विश्वविद्यालय के वीसी कमेटी हाल में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता कुलगुरू प्रोफेसर बीएल वर्मा ने की। विश्वविद्यालय जनसंपर्क प्रकोष्ठ के सह संयोजक विक्रम राठौड़ ने बताया कि वीएमओयू में चार भवनों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई हैं। बैठक में बाह्य सदस्य के रूप में कोटा के जाने-माने उद्यमी ताराचंद गोयल, इग्नू नई दिल्ली की प्रोफेसर नीति अग्रवाल, विश्वकर्मा स्किल विवि की प्रोफेसर ज्योति राणा, प्रो बी अरूण कुमार और प्रोफेसर सुबोध कुमार तथा कुलसचिव पूर्वा अग्रवाल, नवीन तिवारी शामिल रहे। कुलगुरू प्रोफेसर वर्मा ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और कुलसचिव ने सभी का आभार व्यक्त किया। कुलगुरू प्रोफेसर वर्मा ने कहा कि विवि में भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र की स्थापना से पुरातन भारतीय बौद्धिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक धरोहर योग, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, दर्शन का संरक्षण, पुनरुद्धार और आधुनिक शिक्षा में बढ़वा मिलेगा। यह केन्द्र युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जोड़कर, आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी ज्ञान के माध्यम से अनुसंधान को बढ़ावा देने के का महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध होगा। भारतीय ज्ञान परंपरा के इस केंद्र के माध्यम से युवा विद्यार्थी सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण की और अग्रसर होंगे। कुलगुरुप्रो. वर्मा ने कहा कि इस बैठक में चार बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति बनाई गई, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में अति विशिष्ट व्यक्तियों के ठहरने के लिए एक भवन निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र के भवन निर्माण, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के भवन निर्माण, दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था, विवि परिसर में एक ट्रांजिट हास्टल के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। बाह्य विशेषज्ञों ने कुलगुरू प्रो वर्मा की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वास्तव में इन भवनों के निर्माण से जहां शोध और शैक्षिक वातावरण को मजबूत बनाने पर जाकर दिया जा सकेगा वहीं छात्रों की अन्य परेशानियों को भी दूर किया जा सकेगा

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