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दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम योगी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज।

By Shubh Bhaskar · 06 Jan 2026 · 52 views
दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम योगी, यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज।

नई दिल्ली-
उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री के सरकारी आवास सात लोक कल्याण मार्ग पर हुई यह भेंट करीब एक घंटे तक चली। नए वर्ष में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच यह पहली औपचारिक बैठक मानी जा रही है।
इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री से संभावित नए मंत्रियों को शामिल करने और मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर विचार-विमर्श किया।
दोनों उपमुख्यमंत्री भी दिल्ली में मौजूद
इस समय उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी दिल्ली में मौजूद हैं, जिससे मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को और बल मिला है। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के साथ समन्वय कर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
अमित शाह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की संभावना
प्रधानमंत्री से भेंट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात प्रस्तावित बताई जा रही है। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी बातचीत की संभावना है। इन सभी बैठकों को संगठनात्मक और मंत्रिमंडलीय रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
छह मंत्री पद फिलहाल रिक्त
वर्तमान में योगी मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संविधान के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी अभी छह मंत्री पद रिक्त हैं। हाल ही में यूपी सरकार के मंत्री रहे जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद ये पद खाली हुए हैं। इसके साथ ही कुछ मंत्रियों को हटाने या विभागीय फेरबदल की भी चर्चा है।
चुनावी संतुलन पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और इसी वर्ष होने वाले पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसी कारण संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर लगातार मंथन जारी है। लखनऊ में पहले ही संगठन की कई दौर की बैठकें हो चुकी है।

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