लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर किया नमन, स्वराज और स्वदेशी के आदर्शों पर चलने का आह्वान- *डाॅं.सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
24 Jul 2026 ·
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लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर किया नमन, स्वराज और स्वदेशी के आदर्शों पर चलने का आह्वान- *डाॅं.सुरेश चंद शर्मा*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- जयपुर- सर्व समाज जागृति संघ के संस्थापक अध्यक्ष व अनेक संगठनों के प्रमुख पदों से जुड़े डॉ. सुरेश चंद शर्मा ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्रवादी विचारों और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि तिलक का अमर उद्घोष "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" आज भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता है।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि 23 जुलाई 1856 को जन्मे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा के प्रसार और जनजागरण के माध्यम से भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। उनकी निर्भीक राष्ट्रवादी पत्रकारिता और संघर्षशील व्यक्तित्व ने लाखों लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि तिलक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर डेक्कन एजुकेशन सोसायटी और फर्ग्यूसन कॉलेज की स्थापना कर राष्ट्रीय शिक्षा को नई दिशा दी। वहीं,जनजागरण के उद्देश्य से उन्होंने मराठी भाषा में 'केसरी' और अंग्रेजी में 'मराठा' समाचार पत्रों का प्रकाशन शुरू किया। समाज को संगठित करने के लिए सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती समारोह की शुरुआत भी उनके महत्वपूर्ण योगदानों में शामिल है।
*डॉ. शर्मा* ने कहा कि लाला लाजपत राय और विपिन चंद्र पाल के साथ उनकी प्रसिद्ध तिकड़ी 'लाल-बाल-पाल' के नाम से जानी गई, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में गरम दल का नेतृत्व किया। ब्रिटिश सरकार ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाकर मांडले जेल भेजा,जहां कठिन कारावास के दौरान भी उन्होंने प्रसिद्ध ग्रंथ 'गीता रहस्य' की रचना की।
उन्होंने बताया कि जलियांवाला बाग हत्याकांड से तिलक अत्यंत व्यथित हो गए थे और ०1 अगस्त 1920 को मुंबई में उनका निधन हो गया।
अंत में *डॉ. सुरेश चंद शर्मा* ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के स्वराज, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता के आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सभी देशवासियों से तिलक के सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।